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कौन हैं बलिया की स्मृति सिंह? जिन्होंने BRICS संवाद 2026 में यूपी का किया प्रतिनिधित्व, उठाई युवाओं की आवाज

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:48 PM (IST)

बलिया की सामाजिक कार्यकर्ता स्मृति सिंह ने दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स संवाद 2026 में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।

दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स संवाद 2026 में अपना विचार साझा करतीं स्मृति सिंह

दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स संवाद 2026 में अपना विचार साझा करतीं स्मृति सिंह

HighLights

  1. बलिया की स्मृति सिंह ने ब्रिक्स संवाद 2026 में सहभागिता की।

  2. उन्होंने ग्रामीण महिलाओं, युवाओं के सशक्तिकरण पर विचार साझा किए।

  3. स्मृति सिंह ने शरीर दान, बाल दान जैसे मानवीय कार्य भी किए।

जागरण संवाददाता, बलिया। दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स संवाद 2026 में बलिया की सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व प्रधान स्मृति सिंह ने सहभागिता कर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। भारत की अध्यक्षता में दो दिनों का यह मुख्य सम्मेलन 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है।

नीति आयोग की ओर से रतसरकलां की पूर्व प्रधान स्मृति सिंह को आमंत्रित किया गया है। शनिवार को ही उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण मंच पर उन्होंने भारत, विशेषकर ग्रामीण भारत की महिलाओं, युवाओं और जमीनी स्तर पर हो रहे सामाजिक बदलावों से जुड़े विषयों पर विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों के सामने विचार साझा किया।

उन्होंने महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा नेतृत्व, स्वच्छता और सामाजिक विकास जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी तथा उनके नेतृत्व में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को दी।

स्मृति सिंह इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महिला सम्मेलन में भी सहभागिता कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स संवाद जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बात रखने तथा उत्तर प्रदेश के ग्रामीण समाज, महिलाओं और युवाओं की आवाज वैश्विक प्रतिनिधियों तक पहुंचाने का अवसर उनके लिए गौरव का विषय है।

पंचायत प्रतिनिधियों की संसद में भी रहीं मौजूद

वर्ष 2024 में स्मृति सिंह ने संसद भवन में आयोजित ‘पंचायत प्रतिनिधियों की संसद में उपस्थिति’ कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया था। वह कार्यक्रम में शामिल होने वाली उत्तर प्रदेश की इकलौती पंचायत प्रतिनिधि थीं। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े अपने अनुभव साझा की थीं।

मरणोपरांत शरीर दान का संकल्प

स्मृति सिंह ने मानवता की सेवा के लिए मरणोपरांत अपना संपूर्ण शरीर चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान करने का संकल्प लिया है। इसके अलावा वह कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए दो बार अपने बाल भी दान कर चुकी हैं।

उनके दान किए गए बाल बाल तमिलनाडु की एक स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाए जाते हैं। उनका कहना है कि शरीर दान चिकित्सा शोध व प्रशिक्षण में योगदान देगा, जबकि बाल दान कैंसर से जूझ रही महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगा।

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