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एक पैर पर कूद-कूदकर स्कूल जाने वाली बलिया की रागिनी को CM योगी का मिला सहारा, इलाज और पढ़ाई का दिया भरोसा

Published: Sat, 12 Sep 2026 10:50 AM (IST)

बलिया की दिव्यांग रागिनी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सहारा मिला है। मुख्यमंत्री ने उसके उपचार, शिक्षा, आवास और उसके नाम पर सड़क निर्माण का आश्वासन दिया है।

लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर दिव्यांग रागिनी का परिवार मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान

लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर दिव्यांग रागिनी का परिवार मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान

HighLights

  1. रागिनी प्रतिदिन 400 मीटर कूदकर स्कूल जाती थी।

  2. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रागिनी और परिवार से मुलाकात की।

  3. मुख्यमंत्री ने उपचार, शिक्षा, आवास और सड़क का आश्वासन दिया।

जागरण संवाददाता, बलिया। पैरों की दिव्यांगता के बावजूद कूद-कूदकर स्कूल जाने से चर्चा में आई मनियर क्षेत्र के दिघेड़ा गांव निवासी सात वर्षीय रागिनी व उसके परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुरुवार शाम लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की।

बांसडीह विधायक केतकी सिंह के साथ लखनऊ पहुंची रागिनी और उसके माता-पिता को मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उसके पैरों का उपचार, शिक्षा और आवास की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिघेड़ा गांव स्थित रागिनी के घर तक पहुंचने वाली सड़क के निर्माण के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। विधायक ने बताया कि यह सड़क रागिनी के नाम पर रखा जाएगा।

रागिनी प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा है। मात्र छह महीने की उम्र में ही एक सड़क दुर्घटना में उसका पैर बेहद खराब हो गया था। इसके बावजूद, वह रोजाना एक पैर के सहारे 400 मीटर कूद-कूदकर स्कूल जाती थी। पिता देवेंद्र राजभर और माता बबिता राजभर ने बताया कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर बहुत प्रसन्न हैं।

बताया कि रागिनी दोनों पैरों से दिव्यांग हो गई थी, इसके बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी और स्कूल जाने के लिए कूद-कूदकर रास्ता तय करती रही। रागिनी के प्रसारित वीडियो का मुख्यमंत्री ने भी संज्ञान लिया। विधायक केतकी सिंह के माध्यम से रागिनी और उसके परिवार को लखनऊ बुलाया गया।

गुरुवार सुबह विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह बच्ची और उसके माता-पिता को लेकर लखनऊ रवाना हुए। शाम करीब सात बजे मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात हुई। मुलाकात के दौरान विधायक केतकी सिंह, विश्राम सिंह, नीरज दुबे, चुन्नू सिंह, राजेश सिंह, सुनील राय, लोकनाथ पासवान, राकेश चौहान, विमल, दीपू सहित रागिनी के माता-पिता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री की ओर से इलाज, शिक्षा, आवास, आर्थिक सहायता और सड़क निर्माण का भरोसा मिलने के बाद रागिनी के परिवार में खुशी का माहौल है। स्वजन को उम्मीद है कि सरकारी मदद से रागिनी के इलाज और पढ़ाई का रास्ता आसान होगा और वह अपने सपनों को पूरा कर सकेगी।

400 मीटर कूद-कूदकर स्कूल जाती थी स्कूल

रागिनी रोजाना एक पैर के सहारे 400 मीटर कूद-कूदकर स्कूल जाती थी। जब इंटरनेट मीडिया पर उसका यह भावुक वीडियो प्रसारित हुआ, तो प्रशासन और सरकार तुरंत हरकत में आ गए।

डीएम मंगला प्रसाद सिंह के प्रयास से उन्हें हाल में ही ट्राई साइकिल और अन्य सुविधाएं दी गई थीं। अब मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद रागिनी को और राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने रागिनी के बेहतर इलाज, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और परिवार को आवास एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

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