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पैर की बीमारी से जूझ रही बलिया की छात्रा रागिनी के लिए आगे आए गुरुजी, स्कूल लाने और छोड़ने का उठाया जिम्मा

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:48 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 08 Sep 2026 07:50 PM (GMT+05:30)

पैर की समस्या से जूझ रही छात्रा रागिनी के ऑपरेशन का इंतजार है, लेकिन दिघेड़ा प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक उसे बाइक से स्कूल पहुंचाकर पढ़ाई जारी रख रहे हैं।

रागिनी को बाइक पर स्कूल ले जाते शिक्षक

रागिनी को बाइक पर स्कूल ले जाते शिक्षक

HighLights

  1. शिक्षकों ने रागिनी को स्कूल लाने-ले जाने की जिम्मेदारी उठाई।

  2. पैर की समस्या के बावजूद रागिनी की पढ़ाई नियमित चल रही है।

  3. उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण ट्राई साइकिल से जाना भी मुश्किल था।

जागरण संवाददाता, बलिया। पैर की समस्या से जूझ रही प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा की छात्रा रागिनी के ऑपरेशन का इंतजार है। डॉक्टर ने करीब एक माह बाद ऑपरेशन करने का आश्वासन दिया है।

इस बीच उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विद्यालय के शिक्षकों ने मानवीय पहल करते हुए उसे रोज बाइक से घर से स्कूल और छुट्टी के बाद सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई है।

विद्यालय का कोई न कोई शिक्षक प्रतिदिन बाइक से रागिनी को स्कूल लेकर आता है। छुट्टी के बाद उसे घर भी पहुंचाता है। शिक्षकों की इस पहल से रागिनी की पढ़ाई नियमित चल रही है और उसके चेहरे पर स्कूल जाने की खुशी भी दिखाई दे रही है।

ट्राई साइकिल से भी उसका स्कूल पहुंचना मुश्किल

सहायक अध्यापक राजेश चौहान ने बताया कि विद्यालय के सभी शिक्षकों ने मिलकर निर्णय लिया है कि रागिनी का ऑपरेशन होने तक उसके आने-जाने की जिम्मेदारी शिक्षक निभाएंगे। रागिनी के घर से विद्यालय तक का रास्ता कच्चा और उबड़-खाबड़ है, जिससे ट्राई साइकिल से भी उसका स्कूल पहुंचना मुश्किल है।

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने रागिनी के घर तक रास्ता बनवाने का आश्वासन दिया है। बरसात समाप्त होने के बाद बेहतर रास्ता मिलने की उम्मीद है। फिलहाल शिक्षकों की पहल रागिनी की पढ़ाई जारी रखने में सहारा बनी है। इस प्रयास ने शिक्षक और छात्र के रिश्ते को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की नई मिसाल दी है।

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