यूपी में बदला मौसम का मिजाज: बलिया में बारिश से 48 घंटे से 700 गांवों की बिजली गुल; सड़कों पर गिरे पेड़
बलिया में तीन दिनों से जारी बारिश और तेज हवा के कारण 700 से अधिक गांवों में करीब 48 घंटे ...और पढ़ें

बारिश से 48 घंटे से 700 से अधिक गांवों की बिजली गुल।
HighLights
बलिया में 3 दिन से बारिश, 700+ गांवों में बिजली ठप।
48 घंटे से बिजली गुल, मोबाइल चार्जिंग, पेयजल प्रभावित।
तेज हवा से पेड़ गिरे, सड़कें बाधित, मरम्मत जारी।
जागरण संवाददाता, बलिया। जिले में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवा ने बिजली व्यवस्था को बेपटरी कर दिया है। जनपद के 700 से अधिक गांवों में करीब 48 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। घरों में लगे पंखे, कूलर समेत अन्य विद्युत उपकरण बंद हैं। मोबाइल चार्ज करने तक के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बारिश के साथ चल रही तेज हवा के कारण कई स्थानों पर बिजली के तारों पर पेड़ों की डालियां गिर गईं। सड़काें पर भी कई पेड़ गिरे पड़े हैं। इससे कई जगह बिजली के पोल भी गिर गए हैं।
गांवों में लंबे समय से बिजली नहीं आने के कारण रात के समय लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। शहर में भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही है। कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल होने के बाद फिर से फाल्ट के कारण बिजली कट जा रही है।

बिजली विभाग की टीमें फाल्ट वाले क्षेत्रों में मरम्मत कार्य में जुटी हैं। जहां तारों पर पेड़ों की डालियां गिरी हैं, उन्हें हटाया जा रहा है। क्षतिग्रस्त पोल और तारों को ठीक करने का भी काम चल रहा है, लेकिन तेज हवा के कारण आपूर्ति बहाल करने में सफलता नहीं मिल रही है।
तरकुल का पेड़ गिरने से दो बकरियों की मौत
नवानगर में तेज हवा और बारिश से क्षेत्र में कई पेड़ धराशायी हो गए। रामपुर कटराई गांव में तरकुल का पेड़ सिद्धनाथ के आशियाने पर गिरने से दो बकरियों की मौत हो गई और करकट की छत क्षतिग्रस्त हो गई। शुक्रवार की सुबह ओमप्रकाश गोंड का आशियाना भी गिर गया। मलबे में चार बोरा गेहूं, दो बोरा चावल और भूसा दबकर नष्ट हो गया। सिकंदरपुर-कठौड़ा मार्ग पर पेड़ गिरने से करीब एक घंटे आवागमन बाधित रहा।
रसड़ा के 200 गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद
रसड़ा क्षेत्र में दो दिनों से चक्रवाती हवा के साथ हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज हवा से कई पेड़ उखड़ गए और बिजली के तार व खंभे टूट गए। इससे रसड़ा नगर सहित रसड़ा, चिलकहर व नगरा ब्लाक के 200 से अधिक गांवों में शुक्रवार शाम से 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। पेयजल और मोबाइल चार्जिंग की समस्या से लोग परेशान हैं।
पेड़ गिरने से 13 घंटे बाधित रहा रतसर-टंडवा मार्ग
तेज आंधी और बारिश के कारण रतसर-टंडवा मार्ग पर पूर के पास शनिवार रात पेड़ गिरने से आवागमन करीब 13 घंटे बाधित रहा। रात करीब नौ बजे पेड़ गिरने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। रातभर वाहन फंसे रहे। सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों ने पेड़ काटकर सड़क से हटाया, तब आवागमन शुरू हो सका।
बलिया, नगरा, बेल्थरारोड और सिकंदरपुर जाने वाले कई लोगों को रास्ता बदलकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। इस मार्ग से आजमगढ़, मऊ समेत कई स्थानों के लिए वाहनों का संचालन होता है। लंबे समय तक सड़क बाधित रहने से यात्रियों को परेशानी हुई। बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में बिजली भी बाधित है।
सुखपुरा के 112 गांवों की बिजली 48 घंटे से ठप
तीन दिनों से जारी बारिश और तेज हवा के चलते सुखपुरा विद्युत सब स्टेशन से जुड़े 112 गांवों की बिजली 48 घंटे से ठप है। इससे करीब एक लाख की आबादी प्रभावित है। बिजली न आने से इनवर्टर जवाब दे गए हैं और लोग रोशनी व मोबाइल चार्ज करने के लिए परेशान हैं।
सुखपुरा, धरहरा और बेरुआरबारी फीडर से गांवों में आपूर्ति होती है। कई कुटीर उद्योग भी प्रभावित हैं। विद्युत कर्मचारियों का कहना है कि बारिश और तेज हवा में पोल पर चढ़कर फाल्ट ठीक करना जोखिम भरा है।
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