जागरण संवाददाता, बलिया : इंटरनेट मीडिया पर इस समय बलिया पुलिस का बोलबाला देखा जा सकता है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने कमाल कर डाला। आभूषण व्यवसायी के अगवा बालक की सकुशल बरामदगी के बाद बधाई की बौछार होने लगी है। वाटसएप, फेसबुक व ट्विटर पर संदेश साझा किए जा रहे हैं। पुलिस की तारीफ के पुल बांधे जा रहे हैं। 25 लाख फिरौती मांगने वाले अपहरणकर्ताओं के गिरेबान तक पुलिस के हाथ पहुंचने के बाद इंटरनेट मीडिया पर हलहल है।

ट्विटर पर यूपी पुलिस ने की सराहना :

पुलिस ने अपनी बड़ी उपलब्धि को इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग माध्यमों से शेयर किया है। ट्विटर पर बलिया पुलिस के ट्वीट पर यूपी पुलिस ने रीट्वीट करते हुए लिखा है, 'वेलडन टीम बलिया'। इसी तरह लगभग एक हजार से अधिक लोगों ने विभिन्न माध्यमों से बधाई संदेश पोस्ट किए हैं।

25 से 15 लाख तक पहुंचे थे बदमाश, तीन बार किए काल : अपहरणकर्ताओं ने बालक के पिता से पहले 25 लाख रुपये की मांग की। अपहरण के तीसरे दिन बदमाश 15 लाख रुपये देने पर बच्चे को छोड़ने पर राजी हो गए। पांच दिन में अपहरणकर्ताओं ने व्यवसायी को तीन बार फोन काल की थी। इसी के आधार पर पुलिस उन तक पहुंचने में सफल हुई।

एक नजर में मामला : सिकंदरपुर कस्बा निवासी आभूषण व्यवसायी कैलाश चंद प्रसाद के इकलौते पुत्र 13 वर्षीय कृष्णा का 20 जनवरी की शाम को अपहरण हो गया था। 21 जनवरी को उसके पिता ने थाने में तहरीर देकर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पिछले सोमवार को सिकंदरपुर कस्बा निवासी अटल सोनी को पुलिस ने उठा लिया। उससे पूछताछ के आधार पर मऊ के मधुबन थाना क्षेत्र के मनसई करौंदी, नारायनपुर के लालू उर्फ रमन यादव पुत्र रामअवध यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों की निशानदेही पर लालू के घर से बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया। वहां लालू की तीन बहनों गुड़िया, बबिता व शीला ने बालक को कैद कर रखा था। उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। संजय ऊर्फ अटल सोनी व लालू ने बालक से कहा कि उसके पापा ने बुलाया है। इसके बाद दोनों उसे बाइक पर बैठाकर आसानी से मऊ लेकर चले गए थे। आरोपितों ने व्यवसायी को फोन कर 25 लाख रुपये देने की मांग रखी। ऐसा नहीं करने पर बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी।

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बालक की सकुशल बरामदगी व आरोपितों की गिरफ्तारी पुलिस महकमे के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसमें पीड़ित परिवार व मीडिया का सहयोग भी सराहनीय रहा। यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड केस जैसा था। इसकी जांच में जुटी टीमों ने काफी मेहनत की और सफलता हाथ लगी।

-राजकरन नय्यर, एसपी बलिया।

Edited By: Jagran