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बलिया में 6 करोड़ रुपए की महाठगी, फर्जी संस्था बनाकर जालसाजों ने 4000 से ज्यादा लोगों को लगाया चूना

Published: Wed, 26 Aug 2026 04:30 PM (IST)

बलिया में 'लघु उद्योग विकास परिषद उज्जवला शिक्षा मिशन' नामक फर्जी संस्था ने 4000 से अधिक युवाओं से 6 करोड़ रुपये की ठगी की।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. फर्जी संस्था ने 4000 से अधिक युवाओं को ठगा।

  2. कुल 6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया।

  3. न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने FIR दर्ज की।

जागरण संवाददाता, बलिया। जिले से फर्जीवाड़ा और ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। 'लघु उद्योग विकास परिषद उज्जवला शिक्षा मिशन' नाम से कथित संस्था चलाकर करीब 4000 से अधिक युवाओं से लगभग छह करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

बांसडीह रोड क्षेत्र के परसपुर निवासी राजेश कुमार कन्नौजिया ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर शिकायत की थी। पीड़ित के अनुसार, पड़ोसी गांव वजहां निवासी वेद प्रकाश तिवारी, अक्षयवर तिवारी, चन्द्र प्रकाश तिवारी, गौरव तिवारी, मणि प्रकाश तिवारी व चार-पांच अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर एक फर्जी संस्था बनाई थी।

आरोपितों ने प्रचार-प्रसार कर दावा किया कि सरकार द्वारा हर गांव में दो नियुक्तियां की जा रही हैं। इसके एवज में 40 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी जमा कराई जाएगी और बदले में सरकार की तरफ से 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा।

झांसे में आकर पीड़ित राजेश ने अपना ई-रिक्शा बेचकर 40 हजार रुपये नकद आफिस में जमा करा दिए। इसके बाद आरोपितों ने ग्राम कुसौरा ब्लॉक (बांसडीह) के लिए पंचायत विकास प्रबंधक का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया और कुछ समय तक काम भी कराया।

6 करोड़ का बड़ा स्कैम, 4000 से अधिक शिकार

जब पीड़ित को संदेह हुआ और उसने पड़ताल की, तो पता चला कि उसके अलावा नरेन्द्र कुमार शुक्ला, प्रीति शुक्ला, अखिलेश कुमार तिवारी जैसे 4 हजार से भी अधिक लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कुल 6 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई है।

जब पीड़ित 25 अक्टूबर 2025 को तीखमपुर स्थित ऑफिस पहुंचा और अपने पैसे मांगे, तो आरोपितों ने बल प्रयोग करते हुए अपमानित किया। गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देकर ऑफिस से भगा दिया। इस के बाद आरोपित ऑफिस बंद कर फरार हो गए।

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जब पीड़ित उनके घर पहुंचा, तो वहां मौजूद हरेराम, प्रभुनाथ, ओमकार ने भी गाली गलौज कर खदेड़ दिया। पीड़ित राजेश ने पहले बांसडीह रोड थाने और फिर पुलिस अधीक्षक बलिया को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः न्याय के लिए उसने विशेष न्यायालय की शरण ली। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी बांसडीह रोड को तत्काल प्राथमिकी पंजीकृत कर मामले की गहन विवेचना का सख्त आदेश दिया है।


प्रकरण में न्यायालय के आदेश पर अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।- वंश बहादुर सिंह, थानाध्यक्ष, बांसडीह रोड