बहराइच : कजरी तीज पर्व पर महादेव के भव्य जलाभिषेक की तैयारियां शिव मंदिरों में देखते बन रही है। पौ फटते ही हर-हर महादेव के जयकारों से शिवालय गूंजायमान हो जाएंगे। सरयू नदी से जल भरकर कांवड़िए जलाभिषेक के लिए रवाना हो गए हैं। मंदिरों में उमड़ने वाले आस्था के सैलाब को देखते हुए बैरीके¨डग कराई गई है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कांवड़ियों का समूह उमड़ता है। बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारे से पूरा माहौल शिवमय हो गया है।

शहर के सिद्धनाथ मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। जलाभिषेक करने आने वाले भक्तों को असुविधा न हो इसके लिए मंदिर में बैरीके¨डग भी कराई गई है।

जंगलीनाथ मंदिर : मटेरा में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुजारी मून बाबा व अनिल शास्त्री ने बताया कि सुबह तीन बजे ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। मंदिर परिसर में बैरीके¨डग भी कराई गई है। पर्व की पूर्व संध्या पर भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।

बागेश्वर नाथ मंदिर : पयागपुर संवाद सूत्र के अनुसार पांडवकालीन ऐतिहासिक बागेश्वर नाथ मंदिर में कजरी तीज की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कांवड़िए भग्गड़वा स्थित सरयू तट से जल भरकर जलाभिषेक के लिए रवाना होंगे। पुजारी बाबा दिनेश भारती ने बताया कि जलाभिषेक के लिए रात नौ बजे से ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। भाजपा नेता निशंक त्रिपाठी ने मंदिर के रास्तों की साफ-सफाई का जाय•ा लिया। भक्तों के लिए जगह-जगह मेडिकल शिविर भी लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा क्षेत्र के सभी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पृथ्वी नाथ मंदिर : जरवल संवाद सूत्र के अनुसार क्षेत्र के बड़ी संख्या में कांवड़िए पवित्र सरयू नदी से जल भरकर गोंडा के खरगूपुर स्थित ऐतिहासिक पृथ्वी नाथ मंदिर रवाना हुए।

नवाबगंज संवाद सूत्र के अनुसार पांडवकालीन मंगली नाथ मंदिर मे भी तैयारियां पूरी कर ली गई है। शहर में कजरी तीज पर्व पर जलाभिषेक को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर गोंडा-लखनऊ हाइवे पर मंगलवार शाम भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। सभी के रूट निर्धारित कर दिए गए हैं।

Posted By: Jagran