बहराइच : कानपुर में शहीद हुए 10 पुलिस कर्मियों के हत्यारोपित विकास दुबे की तलाश में रुपईडीहा बार्डर पर सुरक्षा एजेंसियां ही चौकन्ना नहीं हैं, बल्कि आसमान से भी उसकी निगरानी की जा रही है। नेपाल भागने के मिले इनपुट के बाद बार्डर को जोड़ने वाले सभी मुख्य रास्तों पर एसएसबी ने कांबिग कर गहन चेकिग कर रही है।

भारत-नेपाल मैत्री राष्ट्र होने के चलते दोनों देश की सीमाओं से आने-जाने वाले लोगों को पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं पड़ती। इसी का फायदा उठाकर सीओ समेत 10 पुलिसकर्मियों के मौत का जिम्मेदार विकास दुबे अब भारत से नेपाल भागने की फिराक में है। खुली सीमा की सुरक्षा के लिए एसएसबी के जवान भी तैनात हैं। सीमा पर एसएसबी की रुपईडीहा, शिवपुरा, लौकाही, मुंशीपुरवा, लांबी फॉरेस्ट, बलई गांव समेत कुल 34 चौकियां स्थापित हैं। इन चौकियों पर एसआइ व आरक्षियों की तैनाती है, जो सीमा की सुरक्षा में 24 घंटे मुस्तैद रहते हैं। 15-15 जवानों की टोली हर दस किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे पेट्रोलिग कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। डॉग स्क्वायड टीम भी सुरक्षा में तैनात है। सूत्रों की माने तो विकास के नेपाल भागने की आशंका सुरक्षा एजेंसियों के जताने के बाद से ही नेपाल सीमा से सटे लखीमपुर, श्रावस्ती, बलरामपुर, कुशीनगर, महराजगंज समेत अन्य जिलों को अलर्ट किया गया है। ---------------- सीमा से सटे थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क किया गया है। नेपाल जाने वालों की सघन जांच के बाद ही जाने दिया जा रहा है। सीमा पर एसएसबी के जवान भी पूरी तरह अलर्ट हैं।

विपिन कुमार मिश्र, एसपी

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