यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मानव तस्करी के खिलाफ शिविर लगाकर जगाई अलख
बहराइच : बाल अधिकारों के सुनिश्चितीकरण के लिए कार्यरत संस्था देहात समाज कार्य संगठन के तत्

बहराइच : बाल अधिकारों के सुनिश्चितीकरण के लिए कार्यरत संस्था देहात समाज कार्य संगठन के तत्वावधान में चाइल्ड लाइन व भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी के खिलाफ कार्यरत स्वरक्षा परियोजना द्वारा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। बसौना, केशवपुर व मुराव में आयोजित शिविर में लोगों को मानव तस्करी के प्रति जागरूक किया गया।
देहात संस्था के मुख्य कार्यकारी व चाइल्ड लाइन निदेशक डॉ.जितेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र है। यहां आए दिन मानव तस्कर भोले-भाले लोगों, बच्चों व महिलाओं को अपना शिकार बनाते हैं। अभी तक प्राय: यह देखा जाता था कि नेपाल के लोग भारत में मानव तस्करी का शिकार होते थे, लेकिन विगत कुछ वर्षों से भारत में भी मानव तस्करों ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। उन्होंने लोगों को 2013 की एक घटना बताई, जिसमें सीमा से सटे कुछ गांवों से बच्चों को नेपाल के काठमांडू ओयली में ले जाकर बेच दिया गया था। कई वर्षों तक बच्चों ने विभिन्न प्रकार की प्रताड़नाएं झेली और बाद में जानकारी होने पर देहात संस्था द्वारा नेपाल जाकर वहां से बच्चों को मुक्त कराकर वापस लाया गया था। चाइल्ड लाइन समन्वयक सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि कुछ महत्वपूर्ण नंबर हमेशा याद रखने की आवश्यकता है। चाइल्ड लाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस सहायता 100 यह सभी आकस्मिक नि:शुल्क सहायता नंबर 24 घंटे लोगों की मदद में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी कभी भी आपको मदद की आवश्यकता हो तो तत्काल इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं। स्वरक्षा परियोजना समन्वयक हसन फिरोज ने कहा कि उनकी टीम द्वारा देहात के सहयोग से रुपईडीहा सीमा पर लगातार मानव तस्करों पर निगाह रख रही है। संदिग्ध लोगों के पाए जाने पर तत्काल पुलिस एवं एसएसबी को सूचना दी जाती है। इस मौके पर ग्राम प्रधान सरनाम, शिक्षक इलियास अहमद, सतीश यादव, कृपाराम वर्मा, रेखा वर्मा, मनीष यादव, अरुण चौधरी, निर्मला शाह, पवन कुमार आदि रहे।
