बहराइच: जिले के दौरे पर आए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कलेक्ट्रेट में सांसद, विधायकों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें विधायकों ने बदहाल बिजली आपूर्ति व बिजली विभाग के अधिकारियों के फोन न उठाने का मुद्दा उठाया। ऊर्जा मंत्री ने रोस्टर के मुताबिक शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार से आपूर्ति शुरू करने व जनप्रतिनिधियों के समन्वय न रखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। जिला अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं को भी परखा। उन्होंने कहा कि शहर में 24, तहसील में 20 व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे अनिवार्य रूप से बिजली आपूर्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 48 घंटे के अंदर जले ट्रांसफार्मरों को बदल कर आपूर्ति बहाल कराएं। पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, महसी विधायक सुरेश्वर सिंह व भाजपा जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल की शिकायत पर ऊर्जा मंत्री ने अधीक्षण अभियंता व अधिशाषी अभियंताओं को फोन रिसीव कर जवाब देने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि विभागीय टोल फ्री नंबर 1912 को प्रचार-प्रसार कराएं, जिससे लोग अपनी समस्याएं दर्ज करा सकें। ऊर्जा मंत्री जिला अस्पताल भी पहुंचे। आपातकालीन कक्ष का निरीक्षण कर मरीजों से स्वास्थ्य सुविधाओं का फीडबैक लिया। ऊर्जा मंत्री के निकलते समय कुछ लोगों ने कक्ष से बाहर करने की शिकायत उनसे की। सीएमएस से नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार लाने को कहा। उधर सीएमएस डॉ. डीके सिंह का कहना है कि कुछ लोग अस्पताल को बदनाम करने के लिए फर्जी तरीके से भर्ती मरीजों को बाहर ले आए। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उन पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सीडीओ अरविद चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट जय प्रकाश, निदेशक तकनीकी मध्यांचल, मुख्य अभियंता देवीपाटन क्षेत्र एसके सक्सेना, अधीक्षण अभियन्ता एएस रघुवंशी व अन्य मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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