बहराइच : वैश्विक महामारी कोराना की चपेट में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा कर्मी आने लगे हैं। इसको देखते हुए कॉलेज में आने वाले मरीजों की अब कोरोना जांच अनिवार्य किया गया है। इसके बाद ही उनको भर्ती किया जाएगा। सर्जरी व अन्य मरीजों की ट्रूनेट व हादसों में गंभीर लोगों की एंटीजन रैपिड किट से जांच की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध जिला अस्पताल में दो चिकित्सक, हेड क्लर्क, लैब टैक्नीशियन, वार्ड ब्वाय, स्टाफ नर्स समेत 14 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ऑपरेशन थियेटर तक सील कर दिया गया है। वार्ड में भर्ती मरीजों के संक्रमित पाए जाने को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल में सीधी भर्ती पर रोक लगा दी है, ताकि चिकित्सा कर्मी के साथ मरीज भी संक्रमण से बच सके। अब जिला अस्पताल में सर्जरी व अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों का आपातकालीन कक्ष में ही सैंपल भरा जाएगा। ट्रूनेट मशीन से दो घंटे में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। जांच पॉजिटिव आने पर मरीज को कोविड व निगेटिव पर वार्ड में भर्ती किया जाएगा, जबकि गंभीर मरीजों की जांच एंटीजन किट से होगी। किट की व्यवस्था सीएमओ की ओर से कराई जाएगी। सैंपलिग के लिए हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। ---------------- सीएमएस 72 घंटे के लिए हुए होम क्वारंटाइन -जिला अस्पताल के हेड क्लर्क व एकेडमिक विभाग के क्लर्क के कोरोना संक्रमित मिलने पर सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने सैंपलिग के बाद खुद अपने आवास पर 72 घंटों के लिए क्वारंटाइन कर लिया है। उन्होंने बताया कि एहतियातन कदम उठाया गया है। ---------- टू-नॉट से होगी हर दिन 50 सैंपल की जांच -पैथॉलोजी प्रभारी डॉ. हीरालाल ने बताया कि जिला अस्पताल में आने वाले संदिग्ध मरीजों की टू-नॉट से जांच की जा रही है। औसतन हर दिन 50 सैंपल की जांच हो रही है। इसकी संख्या बढ़ाई जा रही है।

Posted By: Jagran

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