यूपी से बिहार तक डॉल्फिन की गणना शुरू, 750 KM तक आंकड़े जुटाएगी एक्सपर्ट्स की टीम
बहराइच के चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से बिहार के रेवलगंज तक घाघरा नदी में डॉल्फिन गणना का कार्य शुरू हो गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
बहराइच से बिहार तक डॉल्फिन गणना शुरू।
750 किलोमीटर में 15 सदस्यीय टीम करेगी सर्वे।
घाघरा नदी में जलीय जीवन का आकलन।
संवाद सूत्र, बहराइच। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज में बुधवार को गंगये डॉल्फिन की गणना का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह कार्य बिहार के रेवलगंज तक होगा। इसके लिए 15 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। सर्वे कार्य दोनों राज्य के 750 किलोमीटर में किया जाएगा।
घाघरा नदी में जलीय जीवों और जैव विविधता की स्थिति का पता लगाने के लिए सुबह से डॉल्फिन सर्वे शुरू कर दिया गया गया। यह सर्वे के बहराइच चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज, कैलाशपुरी से बिहार के रेवलगंज तक होगा। सर्वे टीम का नेतृत्व सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट गौतम कर रहे हैं।
टीम का मुख्य उद्देश्य घाघरा नदी में डॉल्फिन की मौजूदगी, उनकी संख्या और उनके प्राकृतिक आवास की स्थिति का आकलन करना है। इसके साथ ही नदी में पाए जाने वाले अन्य जलीय जीवों, जलीय पक्षियों और पर्यावरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी जुटाई जाएंगी।
750 किलोमीटर की होगी यात्रा
जानकारी के अनुसार, टीम के छह सदस्य डॉल्फिन से संबंधित सर्वे कार्य करेंगे, जबकि तीन सदस्य जलीय पक्षियों के अध्ययन में जुटेंगे। वहीं, दो सदस्य पर्यावास यानी जीवों के प्राकृतिक आवास का अध्ययन करेंगे और सूक्ष्म जीवों से संबंधित जानकारियां भी जुटाई जाएंगी।
इस सर्वे के माध्यम से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को समझने और जलीय जीवों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। 15 सदस्यीय टीम द्वारा 750 किलोमीटर की यात्रा के दौरान टीम विभिन्न स्थानों पर नदी की स्थिति और जीवों की मौजूदगी का अध्ययन करेगी।
सर्वे से प्राप्त आंकड़े भविष्य में संरक्षण संबंधी योजनाओं और नदी की जैव विविधता को सुरक्षित रखने के प्रयासों में सहायक हो सकते हैं।
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