घाघरा नदी में बालक पर हमला: दोस्त की जान बचाने को मगरमच्छ से भिड़े साथी, साहस और सूझबूझ से टाला हादसा
बहराइच में घाघरा नदी में नहाते समय एक बालक पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। उसके पांच दोस्तों ने साहस ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, बहराइच। दोस्ती और साहस की मिसाल पेश करते हुए पांच बाल मित्रों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मगरमच्छ से भिड़कर अपने साथी की जान बचा ली।
घाघरा नदी में स्नान के दौरान मगरमच्छ ने एक बालक के पैर को दबोच लिया और उसे पानी के भीतर खींचने लगा। यह देखकर उसके साथ मौजूद पांचों दोस्तों ने हिम्मत नहीं हारी और डंडों से हमला कर मगरमच्छ के चंगुल से उसे छुड़ा लिया।
मगरमच्छ से भिड़े पांच दोस्त, बचाई साथी की जान
मंगरवल क्षेत्र के सुकईपुरवा मजरे निवासी 11 वर्षीय नैतिक कक्षा पांच का छात्र है। सोमवार को वह स्कूल नहीं गया था और अपने मित्र अखिल मिश्र, सुचित, बसंत कुमार तथा दो अन्य साथियों के साथ घाघरा नदी के किनारे पहुंचा था। गर्मी अधिक होने के कारण सभी नदी में स्नान करने लगे। इसी दौरान अचानक नदी में मौजूद मगरमच्छ ने नैतिक के पैर को दबोच लिया और उसे पानी के अंदर खींचने लगा।
घाघरा नदी में नहाते समय बालक पर हमला, सूझबूझ और साहस से टला बड़ा हादसा
साथी को संकट में देखकर उसके पांचों मित्रों ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने आसपास पड़े डंडे उठाए और मगरमच्छ के मुंह व शरीर पर लगातार प्रहार शुरू कर दिया। लगातार हमले से मगरमच्छ ने नैतिक को छोड़ दिया और वापस नदी में चला गया। हालांकि तब तक मगरमच्छ बालक के बाएं पैर को बुरी तरह घायल कर चुका था।
गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती
घटना के बाद साथी उसे तत्काल घर लेकर पहुंचे। स्वजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महसी ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में बालक का इलाज जारी है। घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों ने बच्चों के साहस की सराहना की है।
