मिहींपुरवा/मूर्तिहा(बहराइच) : कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में तेंदुए ने शुक्रवार को फिर बालिका को निवाला बना लिया। इससे पहले 18 जनवरी को भी तेंदुए ने दो बालकों को निवाला बनाया था। लगातार मासूमों को निवाला बना रहे तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग नाकाम है। घटना से दहशतजदा ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है।

कतर्नियाघाट के मोतीपुर रेंज के खटकीन पुरवा के नौसर गुमटिहा निवासी दस वर्षीय सोनी घर के पास स्थित मिर्चा के खेत में खेल रही थी। अचानक जंगल से निकले तेंदुए ने उस पर हमला कर दबोच लिया। चीख सुनकर परिवारजन पास में मौजूद परिवारजन व आस-पास खेतों में मौजूद ग्रामीण भागकर मौके पर पहुंचे। एकत्रित लोगों के हांका लगाने के बाद भी तेंदुआ मौके पर डटा रहा।

ग्रामीणों ने जब मशाल जलाकर हांका लगाया तो तेंदुआ बालिका को छोड़कर जंगल में भाग गया। तेंदुए के हमले में बालिका की मौत होने से परिवारजन में कोहराम मच गया। ग्रामीणों को कहना है कि सप्ताह भर के भीतर तेंदुए ने अब तक तीन मासूमों को मौत के घाट उतारा है। आधा दर्जन बच्चे घायल हो चुके हैं। बावजूद इसके, वन विभाग तेंदुए को पकड़ने में नाकाम है। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि वनकर्मियों की टीम मुस्तैद है। पिजरा लगाया गया है। जल्द तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा। जमीन की लालच में पौत्र ने की बाबा की हत्या

फखरपुर (बहराइच) : थाना क्षेत्र के पहिया गांव में बुजुर्ग की जमीन मौत का कारण बन गई। छोटी बहू की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पौत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

थानाध्यक्ष परमानंद तिवारी ने बताया कि क्षेत्र के भिलोराबासू के मजरा पहिया निवासी वृद्ध देशराज के तीन पुत्र थे। तीनों अलग-अलग रह रहे हैं। देशराज सबसे छोटे बेटे कृष्णकुमार के घर रह रहा था। अपने हिस्से 45 बीघे जमीन भी ले रखी थी। वृद्ध ने एक महीने पहले कुछ जमीन दो लाख 40 हजार रुपये में बेची थी। यह पैसा छोटे बेटे कृष्ण कुमार को दे दिया। इसको लेकर अन्य बेटों में विवाद हुआ था।

बुधवार रात पौत्र रामबाबू ऊर्फ नानबाबू ने घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला कर दिया। आवाज सुनकर बगल में सो रहे कृष्ण कुमार बचाव के लिए दौड़े तो उन पर भी हमला कर दिया। कमरे में सो रही बहू सीमा पर भी हमला बोल दिया। हमले में देशराज की मौके पर ही मौत हो गई थी। ऐसे किया खुलासा

- थानाध्यक्ष परमानंद तिवारी ने बताया कि आरोपी ने घटना का अंजाम देने के बाद हथियार को छिपा दिया और कपड़े धुल दिला, जिससे पानी टपक रहा था। इससे उस पर संदेश गया।

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