बहराइच, जागरण संवाददाता। महिला की करंट लगने से मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने पावर कारपोरेशन के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राष्ट्रीय राज्य मार्ग जाम कर दिया। इससे वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा ग्रामीणों को समझाने में नाकाम रहे। 

इसके बाद मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी कैसरगंज महेश कुमार कैथल ने जेई को निलंबित कराने एवं मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया, तब ग्रामीण मार्ग जाम समाप्त करने पर सहमत हुए।

घास काटने गई थी महिला

जानकारी के मुताबिक, बौंडी थाना क्षेत्र के कदियापुर मूसेपट्टी निवासी मिलन यादव की पत्नी सीतापती (48) सुबह खेत में घास काटने गई थी। इस दौरान खेत में टूटी पड़े बिजली के तार की चपेट में आ जाने मौत हो गई। मौत की सूचना से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

अवर अभियंता को निलंबित व मुआवजे की रखी मांग 

ग्रामीण शव को लेकर फखरपुर सीएचसी के सामने बहराइच-लखनऊ राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर आ गए। यहां शव रखकर आवागमन ठप कर दिया और बिजली विभाग के अवर अभियंता विजय तिवारी को जिम्मेदार ठहराते हुए निलंबित करने एवं मुआवजा दिए जाने की मांग करने लगे।

रात में टूटे थे बिजली के तार 

परिजनों का आरोप था कि बिजली के तार रात में ही टूट गए थे और उसकी सूचना भी विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता को दी गई थी। इसके बावजूद मौके पर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा और न ही बिजली आपूर्ति ही बंद की गई। इससे अनजान होने के महिला की मौत हो गई। 

सूचना देने के बाद भी नहीं बंद की गई सप्लाई

ग्रामीण राकेश पाल ने बताया कि बौंडी थाना क्षेत्र के कदियापुर चौराहे से गांव की तरफ एलटी लाइन गई है, जो रात में ही टूट गई थी। इसकी सूचना 11.28 बजे अवर अभियंता को मोबाइल फोन पर दी गई, लेकिन सप्लाई बंद नहीं की गई। इससे दिन में 12 बजे घास काटने गई सीतापती को करंट लग गया और उसकी वहीं मौत हो गई। 

मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा ने ग्रामीणों को समझाने का भरसक प्रयास किया। इसके बावजूद लगभग एक घंटे तक जाम चला।

Edited By: Shivam Yadav

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