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यूपी में 20 दिन बाद खत्म हो जाएगा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल, अफसर संभालेंगे गांवों की कमान

Published: Tue, 05 May 2026 06:32 PM (IST)

ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने के बाद बहराइच के गांवों की कमान प्रशासनिक समितियों को सौंपी ...और पढ़ें

AI जेनेरेटेड फोटो।

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जागरण संवाददाता, बहराइच। गांव की सियासत में बड़ा बदलाव दस्तक दे रहा है। जिले के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है और इसके बाद 27 मई से गांवों की बागडोर प्रशासनिक समितियों के हाथों में चली जाएगी। पंचायत चुनाव को लेकर अब तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है, जिससे 1043 ग्राम पंचायतों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

अगर तय समय पर चुनाव नहीं होते और प्रधानों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता, तो गांवों में प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। ऐसे में एडीओ पंचायत और अन्य प्रशासनिक अधिकारी विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि प्रशासन का दावा है कि विकास कार्यों की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव से पहले भी करीब छह महीने तक गांवों की कमान प्रशासन के हाथों में रही थी। उस दौरान योजनाओं का संचालन अधिकारियों के जरिए हुआ था। अब एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है।

गांवों में चर्चा है कि अगर चुनाव में देरी हुई तो जनप्रतिनिधियों की जगह अफसरशाही हावी हो जाएगी। वहीं कुछ लोग इसे विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने का मौका भी मान रहे हैं। फिलहाल सबकी नजर शासन के फैसले पर टिकी है।

क्या समय पर चुनाव होंगे या फिर गांवों में ‘प्रशासक राज’ लौटेगा, इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा। उधर मौजूदा प्रधान अपने कार्यकाल को बढ़ाने या प्रशासक नियुक्त करने आदि के संबंध में बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। कार्यकाल बढ़ेगा या प्रशासक नियुक्त होंगे इस संबंध में अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। निदेशालय से जो आदेश आएगा उसका अनुपालन कराया जाएगा। -चंद्रभान सिंह, डीपीआरओ।

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