जनगणना 2027: बलिया में घर-घर होगी ‘पूरी पड़ताल’, मोबाइल से लेकर मकान तक का देना पड़ेगा हिसाब
जनगणना 2027 के लिए बलिया में घर-घर विस्तृत पड़ताल की जाएगी, जिसमें मकान, सुविधाएं, डिजिटल पहुंच और जीवनशैली से जुड़ी ...और पढ़ें
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AI जेनेरेटेड फोटो।

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, नवानगर (बलिया)। जनगणना 2027 को लेकर सरकार ने इस बार पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया है। मकान सूचीकरण के पहले चरण में ऐसी सख्त और विस्तृत प्रश्नावली तैयार की गई है, जिसके जरिए हर घर की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। प्रगणकों को दिए गए 34 सवालों के फॉर्मेट में अब सिर्फ जनसंख्या ही नहीं, बल्कि लोगों की जीवनशैली, सुविधाएं और संसाधनों का पूरा लेखा-जोखा जुटाया जाएगा।
प्रश्नावली में मकान की स्थिति, दीवार, छत और फर्श की गुणवत्ता, कमरों की संख्या और उपयोग तक की जानकारी ली जाएगी। यह भी दर्ज होगा कि मकान रहने योग्य है या जर्जर हालत में है। इतना ही नहीं, मकान आवासीय है, दुकान है या किसी अन्य उपयोग में इसकी भी सटीक रिपोर्ट तैयार होगी।
शौचालय, पानी और बिजली पर कड़ी नजर
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब बुनियादी सुविधाओं की असल तस्वीर सामने लाई जाएगी। शौचालय घर के अंदर है या बाहर, पानी हमेशा मिलता है या नहीं, बिजली है या नहीं-हर बिंदु पर जवाब लिया जाएगा। अपशिष्ट जल निकासी तक का विवरण दर्ज कर स्वच्छता की हकीकत सामने लाई जाएगी।
मोबाइल, इंटरनेट और गैजेट्स भी ‘रडार’ पर
इस बार जनगणना पूरी तरह आधुनिक नजर आ रही है। हर परिवार से पूछा जाएगा कि उनके पास स्मार्टफोन है या नहीं, इंटरनेट चलता है या नहीं, लैपटॉप या कंप्यूटर है या नहीं। टीवी, रेडियो से लेकर मोबाइल के प्रकार तक की जानकारी दर्ज की जाएगी, जिससे डिजिटल पहुंच का असली आंकड़ा सामने आएगा।
रसोई से लेकर ईंधन तक का पूरा ब्योरा
घर में खाना कहां बनता है, किस ईंधन से बनता है- एलपीजी, लकड़ी या कोयला- यह भी दर्ज होगा। इससे गरीब और पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी।
परिवार की ‘सोशल प्रोफाइलिंग’ भी शामिल
परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, श्रेणी (एससी/एसटी/अन्य), कुल सदस्य, विवाहित जोड़ों की संख्या और यहां तक कि मुख्य खाने वाले अनाज तक की जानकारी ली जाएगी। वाहन जैसे साइकिल, मोटरसाइकिल और कार की उपलब्धता भी दर्ज कर आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
नीतियों के लिए बनेगा ‘डेटा का हथियार’
अधिकारियों का कहना है कि यह विस्तृत सर्वे सरकार के लिए ‘डेटा का मजबूत आधार’ तैयार करेगा, जिसके जरिए योजनाओं को जमीन पर उतारने और नई नीतियां बनाने में तेजी आएगी। साफ है कि इस बार जनगणना सिर्फ गिनती नहीं, बल्कि हर घर की पूरी तस्वीर पेश करेगी।
प्रभारी तहसीलदार सिकंदरपुर देवेन्द्र कुमार पांडेय ने कहा कि जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक प्रश्न का सही और पूर्ण उत्तर दर्ज किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर त्रुटि न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कर्मियों को प्रशिक्षण देकर फील्ड में उतारा जा रहा है और शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
