बहराइच [मुकेश पांडेय]। अब वह दिन दूर नहीं, जब बहराइच से गोंडा जाने वाले यात्रियों को टू-लेन नहीं बल्कि फोरलेन जैसी चौड़ी सड़क सुलभ होगी। इसमें वर्ल्ड बैंक की सहायता ली गई है। सड़क के चौड़ीकरण से नेपाल सहित बहराइच वासियों के लिए रामनगरी अयोध्या और पूर्वांचल का सफर सहज हो जाएगा।

60 किलोमीटर लंबी इस सड़क की अभी तक चौड़ाई मात्र सात मीटर है, जिसे बढ़ाकर 10 मीटर किया जाना है। यह सड़क बहराइच समेत नेपाल को भी रामनगरी अयोध्या और पूर्वांचल से जोड़ती है। ऐसे में इसका व्यवसायिक और सामाजिक दृष्टि से भी काफी महत्व है। सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण के लिए 448 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की है, जिसमें सड़क निर्माण की धनराशि 350 करोड़ रुपये है। बाकी धन पेड़ काटने और नए पौधे लगाने समेत बिजली के खंभों के स्थानांतरण, अतिक्रमण हटाने तथा अन्य कार्यों में खर्च होंगे। फिलहाल सड़क के चौड़ीकरण में आने वाली बाधा हटाने में लगभग छह माह लगने की उम्मीद है।

पेड़ों के सर्वे के लिए पत्राचार

60 किलोमीटर लंबा इस पथ पर तीन प्रभागीय वनाधिकारी का क्षेत्र है। इसमें गोंडा, श्रावस्ती और बहराइच शामिल है। लोक निर्माण विभाग सीडी वन ने वन विभाग से पेड़ों को हटाने के लिए गिनती कर कटान के लिए सर्वे करने का आग्रह वन विभाग से किया है। प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच मनीष सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूडी से पत्र आया था, जिस पर हमने टीम गठित करने के लिए उन्हें उनसे जिम्मेदार अभियंता का नाम मांगा है। जैसे ही नाम मिल जाएगा टीम गठित कर सर्वे करा दिया जाएगा।

चौड़ीकरण के लिए प्रयासरत थे विधायक

पयागपुर के विधायक सुभाष त्रिपाठी सड़क के चौड़ीकरण के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से पत्राचार के साथ ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की थी। विधायक ने बताया कि अयोध्या से जुड़ा होने के कारण इस सड़क का धार्मिक और व्यवसाय की दृष्टि से काफी महत्व है।

Edited By: Umesh Kumar

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट