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जा रहे हैं नेपाल? तो आधार कार्ड के साथ ये डॉक्यूमेंट भी रखना होगा साथ, SSB ने लागू किया नया नियम

Published: Sat, 19 Sep 2026 08:26 AM (IST)

एसएसबी ने भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अब आधार कार्ड के साथ मतदाता पहचान पत्र दिखाना भी अनिवार्य होगा।

भारत-नेपाल का रुपईडीहा बार्डर

भारत-नेपाल का रुपईडीहा बार्डर

HighLights

  1. भारत-नेपाल सीमा पर अब आधार और मतदाता पहचान पत्र अनिवार्य।

  2. घुसपैठ रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए एसएसबी का नया कदम।

  3. अजनाला कांड के बाद सुरक्षा एजेंसियां हुई हैं अधिक सतर्क।

संतोष श्रीवास्तव, बहराइच। भारत-नेपाल सीमा के रास्ते घुसपैठ करने वालों पर शिकंजा कसने को लेकर एसएसबी ने अब एक और नियम लागू किया है। पहले जहां लोग आधार कार्ड दिखाकर सीमा के इस पार से उस पार जाते थे, अब उन्हें आधार के साथ ही अपना मतदाता पहचान पत्र भी दिखाना होगा।

इसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि पंजाब के अजनाला कांड में वांछित चल रहे विक्रमजीत सिंह व मनवीर के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हुई हैं।

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जिले की लगभग 80 किलोमीटर सीमा नेपाल से सटी हुई है। दोनों देशों के बीच स्थित सीमा सुरक्षा का जिम्मा एसएसबी 59वीं व एसएसबी 42वीं बटालियन के जवानों के पास है। सीमा के रास्ते कोई संदिग्ध पार न कर पाए, इसे लेकर अब एसएसबी चेक पोस्ट पर आधार कार्ड के साथ ही मतदाता पहचान पत्र भी दिखाना अनिवार्य होगा।

इससे पहले भी सीमा पर फेस रिकाग्निशन सिस्टम एंड आईडी स्कैनर भी लगाया जा चुका है। आने वालों का ब्योरा दर्ज करने के लिए कैमरों को लगाया गया है। इसे एसएसबी कैंपस में लगे कंप्यूटर से जोड़ा गया है।

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नेपाल से भारत आने वाले लोगों का नागरिकता कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या वोटर आईडी कार्ड कैमरे के सामने रखा जाता है। इसके माध्यम से संबंधित की पूरी डिटेल कंप्यूटर के हार्ड डिस्क में दर्ज की जाती है। एक बार यह डाटा दर्ज होने के बाद पुन: कैमरे के सामने आने पर संबंधित का पूरा ब्योरा चेक पोस्ट पर लगे स्क्रीन पर आसानी से दिख जाएगा।

पहले आधार कार्ड की जांच की जा रही थी, लेकिन अब आने जाने वालों को मतदाता पहचान पत्र दिखा अनिवार्य होगा। इससे पहले भी कैमरों के माध्यम से भारत से नेपाल आने-जाने वालों का ब्यौरा रिकॉर्ड किया जा रहा है।

                                                               गंगा सिंह उदावत, कमांडेंट एसएसबी 42वीं वाहिनी