Bahraich News: बहराइच, जागरण संवाददाता। चित्तौरा में तैनात सहायक विकास अधिकारी ने जरवल ब्लाक में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर रहते हुए चेक पर अधिक रकम भरकर गबन किया था। सात साल पुराने मामले में उच्च न्यायालय में जाने पर पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया। जरवलरोड पुलिस गिरफ्तारी से इंकार कर रही है।

विकास खंड जरवल में सात वर्ष पूर्व ग्राम विकास अधिकारी के पद पर महेंद्र प्रताप सिंह की तैनाती थी। तैनाती के दौरान एमपी सिंह ने अट्ठैसा व मुस्तफाबाद गांव में जारी चेक में तीन हजार की जगह तीस हजार रुपये की धनराशि भरकर खाते से रकम निकाल ली थी।

जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर तत्कालीन सेक्रेटरी पर गबन का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस समय एमपी सिंह प्रोन्नति के बाद एडीओ पंचायत चित्तौरा के पद पर तैनात हैं। वह शुक्रवार को उच्च न्यायालय में मामले मे गिरफ्तारी पर रोक के लिए चल रही सुनवाई में गए थे। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए वहीं से गिरफ्तारी के आदेश दिए। वहां से उनको जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई से विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। खंड विकास अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि गांधी जयंती पर एडीओ पंचायत कार्यालय नहीं आए थे। कोई प्रार्थना पत्र भी नहीं मिला है। उधर जरवलरोड एसओ राजेश सिंह का कहना है कि उनको गिरफ्तारी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

निदेशालय से लेंगे अनुमति : जिला पंचायत राज अधिकारी उमाकांत पांडे ने बताया कि अभी तक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। एडीओ पंचायत को निदेशक की अनुमति के बाद निलंबित किया जा सकता है। मामला सही हाेने पर निदेशालय को सूचना भेजी जाएगी।

Edited By: Vikas Mishra

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