बागपत, जेएनएन। पहाड़ों पर जारी बारिश के बीच शुक्रवार शाम हथिनीकुंड बैराज से 2.85 लाख क्यूसेक पानी छोडे़ जाने से यमुना का जल स्तर बढ़ गया है। निकटवर्ती गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों से यमुना पर न जाने को कहा गया है। जलस्तर घटने तक किसानों से खेतों पर न जाने और मवेशियों को यमुना क्षेत्र में न ले जाने की भी अपील की है।

पहाड़ों पर बारिश से नदी-नाले उफन रहे हैं। फसलों में पानी भर गया है। रास्ते जलमग्न हो गए हैं। गन्ने की फसल को तो नुकसान नहीं है, लेकिन सब्जी, बेलदार सब्जियां और ज्वार की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना है।

सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने कहा कि यमुना में 2.85 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से जल स्तर बढ़ गया है। किसानों से खेतों पर न जाने की अपील की है। उधर, जल स्तर बढ़ा होने की सूचना पर यमुना घाट पर लोगों की भीड़ लग गई। कालोनी में जलभराव, खोदा नाला

बागपत में यमुना के निकट बसी इस्लाम नगर कालोनी में दो माह से बारिश का पानी भरा हुआ है। समस्या से निपटने के लिए यमुना तक नाला खोदा गया है, जिससे जल निकासी हो रही है। इससे लोगों को थोड़ी राहत पहुंची है। नगर पालिका से जलभराव का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। बढ़ गई किसानों की चिता

हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़ा गया पानी किसानों की चिता का सबब बन गया है। शनिवार सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो चारों तरफ पानी ही पानी दिखा। किसान सुरेंद्र, संजय, मोनू आदि का कहना है कि रात में खेतों में पानी नहीं था लेकिन सुबह करीब डेढ़ फुट तक पानी भरा मिला। मवीकलां, सांकरौद, सुभानपुर में फसलों में पानी भरने लगा है।

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