बागपत, जेएनएन। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तीनों विधायकों पर दांव लगाया है। भाजपा ने बागपत सीट से योगेश धामा, बड़ौत सीट से केपी मलिक व छपरौली सीट से सहेन्द्र सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है। इसमें योगेश धामा व केपी मलिक लगातार भाजपा के टिकट पर दूसरी बार चुनाव लड़ेंगे। वहीं सहेन्द्र सिंह पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। सहेन्द्र सिंह पिछला चुनाव रालोद से लड़े थे और रालोद के इकलौते विधायक थे। बाद में सहेन्द्र सिंह रालोद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

भाजपा में टिकट पाने के लिए उम्मीदवारों की लंबी सूची थी। बागपत से विधायक योगेश धामा के अलावा सचिन डागर, पूर्व ब्लाक प्रमुख जितेन्द्र धामा, करतार सिंह, मनुपाल बंसल, लीलू पहलवान, बड़ौत से विधायक केपी मलिक के अलावा चेयरमैन अमित राणा, प्रदीप ठाकुर, साहब सिंह, अनिल तोमर, सुभाष पहलवान, प्रदीप बली तथा छपरौली से विधायक सहेन्द्र सिंह के अलावा सतेन्द्र तुगाना, धूम सिंह, संजीव खोखर समेत कई दिग्गज टिकट मांग रहे थे।

शनिवार को भाजपा ने विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। भाजपा ने तीनों विधायक को प्रत्याशी घोषित कर दिया। बागपत से योगेश धामा, बड़ौत से केपी मलिक व छपरौली से सहेन्द्र सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।

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योगेश धामा ने विरोधियों को किया चित

विधायक योगेश धामा ने लोकसभा चुनाव में सांसद डा. सत्यपाल सिंह का विरोध किया था। इसी के चलते योगेश धामा का टिकट कटवाने के लिए विरोधी सक्रिय हो गए। इसी के चलते टिकट के अन्य दावेदारों को आगे लाया गया। शुक्रवार की देर रात्रि कुछ गांवों में विधायक के खिलाफ प्रदर्शन व पुतला दहन भी किया गया। योगेश धामा के विरोध से पार्टी के दिग्गजों से भी अवगत कराया गया। इसके बावजूद योगेश धामा ने विरोधियों को चित कर टिकट हासिल कर लिया।

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भाजपा ने खेला जाट कार्ड

भाजपा ने तीनों विधानसभा सीटों पर जाटों की वोट अधिक होने के कारण जाट कार्ड खेला हैं। हालांकि बागपत या बड़ौत से गैर जाट को टिकट देने की मांग उठी थी। इसी के चलते बागपत या बड़ौत सीट से गैर जाट को टिकट देने की संभावना जताई जा रही थी। वहीं हाईकमान ने जाट कार्ड खेलते हुए तीनों विधायकों को टिकट दे दिया।

Edited By: Jagran