आलू के गिरते दामों से अब नहीं होगा नुकसान, किसानों के लिए यूपी सरकार ने शुरू की 3 नई योजनाएं
उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू उत्पादक किसानों के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, जिससे उन्हें आलू के गिरते दामों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

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HighLights
आलू उत्पादकों को कोल्ड स्टोरेज में रखने पर अनुदान।
उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज खरीदने पर भी सब्सिडी।
बागपत के हजारों किसानों को मिलेगा योजना का लाभ।
जागरण संवाददाता, बागपत। मंदी की मार झेलने वाले आलू उत्पादकों के लिए राहत की खबर। अब आलू के दाम गिरने पर किसानों को नुकसान नहीं होगा। सरकार अनूठी योजना लेकर आई, जिसमें कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने के लिए प्रति कुंतल 100 रुपये प्रति कुंतल की दर से किसानों को अनुदान मिलेगा।
जिला उद्यान अधिकारी निधि सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आलू उत्पादक किसानों के लिए तीन महत्वपूर्ण योजना लागू की है। इनका उद्देश्य बाजार में आलू के गिरते दाम से किसानों को होने वाले नुकसान से बचाव, सुरक्षित भंडारित आलू के भंडारण खर्च पर अनुदान योजना, आलू बीज क्रय दर में छूट की योजना का लाभ देना है।
ऐसे कराएं पंजीकरण
भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना में एक किसान को 200 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक लाभ मिलेगा। कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने के लिए 100 रुपये प्रति कुंतल की दर से अनुदान दिया जाएगा।
किसानों का नवीन और उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज खरीदने पर एक हजार रुपये प्रति कुंतल का अनुदान मिलेगा। किसानों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए https:// potat0.uphorticulture.in पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र, आधार कार्ड की छाया प्रति, बैंक खाता पासबुक की छाया प्रति, रोपित आलू क्षेत्रफल का खसरा-खतौनी खसरे में आलू की फसल दर्ज होनी चाहिए।
कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण की रसीद तथा किसान का मोबाइल फोन नंबर दर्ज करना होगा। इसके लिए किसान जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में आकर भी पंजीकरण करा सकते हैं। प्रथम आवक-प्रथम पावक के सिद्धांत पर ही किसानाें का चयन होगा। इस योजना का लाभ बागपत के हजारों किसानों को मिल सकता है।
