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गिनते-गिनते थक जाएंगे… इतने मेडल, बागपत के लक्ष्मण अवार्डी पुनीत कुमार ने दुनियाभर में गाड़े सफलता के झंडे

Published: Sat, 29 Aug 2026 05:05 PM (IST)

बागपत के जिला युवा कल्याण अधिकारी पुनीत कुमार ने 22 राष्ट्रीय स्वर्ण सहित कुल 31 पदक जीते हैं। सेना में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पुनीत कुमार ने जीते 22 राष्ट्रीय स्वर्ण सहित 31 पदक।

  2. सेना में सेवा के बाद बने जिला युवा कल्याण अधिकारी।

  3. युवाओं के खेल भविष्य को संवारने का लिया जिम्मा।

जहीर हसन, बागपत। उन युवाओं की कमी नहीं जो डीएसपी बनने के लिए न जाने कितने पापड़ बेलते हैं। लेकिन बागपत में एक अफसर ऐसे हैं, जिन्होंने युवाओं का भविष्य संवारने के लिए डीएसपी बनने के बजाय जिला युवा कल्याण अधिकारी की नियुक्ति पाई।

इस अफसर का नाम है पुनीत कुमार, जिनकी झोली नेशनल-इंटरनेशनल गोल्ड-सिल्वर मेडल से भरी पड़ी है। यूं जिला बनने के 28 साल बाद पहली बार बागपत को ऐसा अफसर मिला, जो न केवल पदकवीर हैं, बल्कि लक्ष्मण अवार्डी भी हैं।

जिला युवा कल्याण अधिकारी पुनीत कुमार की दो माह पहले ही बागपत में नियुक्ति हुई है। वह मूल रूप से जिला मुजफ्फरनगर के काकड़ा गांव निवासी हैं। बचपन में पढ़ाई के साथ खेत में शुरू हुआ कबड्डी के खेल ने 18 साल की आयु में 2014 में सेना में भर्ती होने का अवसर दिया।

उन्होंने सेना में रहते 2012 में अपना खेल का ट्रैक बदला और रोइंग में अभ्यास करने लगे। सिपाही से सूबेदार पद पर पहुंचे पुनीत कुमार ने 2024 तक सेना के इंजीनियरिंग कोर पुणे में अपनी सेवा दी। उन्होंने रोइंग में न केवल देश बल्कि दुनियाभर में धूम मचाकर रख दी।

मेडलों पर एक नजर

  • 22 नेशनल गोल्ड मेडल नाम
  • 2 नेशनल सिल्वर मेडल पाए
  • 2 इंटरनेशनल सिल्वर मेडल
  • 4 इंटरनेशनल ब्रांज मेडल भी

जिला युवा कल्याण अधिकारी पद पर नियुक्ति

प्रदेश सरकार ने उनकी खेल प्रतिभा का सम्मान कर लक्ष्मण अवार्ड से सम्मानित किया। उनके नाम 22 नेशनल गोल्ड मेडल समेत नेशनल इंटरनेशनल कुल 31 मेडल हैं। उनकी उपलब्धि पर प्रदेश सरकार ने 2024 में जिला युवा कल्याण अधिकारी पद पर नियुक्ति दी।

पुनीत कुमार बताते हैं कि उन्हें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डीएसपी, बीडीओ, नायब तहसीलदार और जिला युवा कल्याण अधिकारी में से किसी भी पद पर नियुक्ति लेने का प्रस्ताव मिला था, मगर उन्होंने चुना जिला युवा कल्याण अधिकारी का पद।

यह विभाग युवाओं से जुड़ा है, इसलिए युवाओं के लिए काफी कुछ करने का अवसर मिलेगा। यही सोचकर डीएसपी तथा बीएसए जैसी नौकरी के बजाय जिला युवा कल्याण अधिकारी की नौकरी चुनीं, वह विभाग में रहते युवाओं को खेलों में आगे बढ़ाने के साथ खुद भी एशियन चैंपियनशिप के लिए तैयारी में जुटे हैं।

इंटरनेशनल उपलब्धियां

  • 2019 में एशियन रोइंग चैंपियनिशप, साउथ कोरिया में ब्रांज मेडल
  • 2021 में एशियन रोइंग चैंपियनशिप थाईलैंड में सिल्वर मेडल पाया
  • 2002 में एशियन रोइंग चैंपियनिशप थाइलैंड में ब्रांज मेडल पाया था
  • 2023 में वर्ल्ड रोइंग कप में भाग लिया लेकिन ब्रांज मेडल पाया था
  • 2023 में एशियन गेम्स हांगझू चीन में सिल्वर मेडल पर संतोष किया
  • 2023 में एशियन गेम्स हांगझू चीन में ब्रांज मेडल लेकर मान बढ़ाया।

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