बागपत (जेएनएन)। मुन्ना बजरंगी की हत्या का राज मोबाइल की कॉल डिटेल खोलेगी। गुरुवार को क्राइम ब्रांच की सर्विलांस टीम दिनभर डाटा खंगालने में लगी रही। सूत्रों की माने दर्जनों कॉल संदिग्ध पाई गई हैं। आठ जुलाई की रात व नौ की सुबह कई संदिग्ध कॉल हुई हैं। पुलिस उसकी पड़ताल में लगी है। पूर्वांचल के नंबरों पर भी बातचीत की गई है। पुलिस को जल्द कामयाबी हाथ लगने की उम्मीद है। इसमें कई सफेदपोश भी बेनकाब हो सकते हैं। एसपी जय प्रकाश ने दो घंटे अफसरों के साथ मीटिंग की।

जेल में कई बंदियों के पास स्मार्ट फोन 

जेल में अपराधी मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो कई बंदियों के पास स्मार्ट फोन भी हैं। ये वाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। सूत्रों की मानें तो मुन्ना बजरंगी की हत्या से पहले और बाद में मोबाइल का खूब इस्तेमाल हुआ। वाट्सएप पर भी चैट हुई। सर्विलांस की मदद से पुलिस की टीम पता लगा रही है कि किसने और क्या बातें की हैं। सूत्रों की माने तो पूर्वांचल के कई लोगों से लंबी बातें हो रही हैं। वहां की जेल में बंद अपराधी से भी फोन पर बात होने की जानकारी मिल रही है। पुलिस के अधिकारियों ने गुरुवार को भी जेल में पहुंचकर राठी समेत कई से पूछताछ की तथा बयान दर्ज किए। दूसरी ओर इस केस की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है। गुरुवार को एक न्यायिक अधिकारी ने भी जेल में पहुंचकर जांच-पड़ताल कर बयान दर्ज किए।

एसपी जय प्रकाश का कहना है इस केस में सर्विलांस की मदद ली जा रही है। कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। उनको तस्दीक किया जा रहा है। 

भेजा जा रहा स्टाफ  

बागपत जिला कारागार में स्टाफ की पहले ही बहुत कमी है। इस संबंध में शासन को दर्जनों पत्र भेजे गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मुन्ना बजरंगी हत्याकांड होने के बाद ही अफसर जागे। अब दूसरी जेलों से अधिकारी और कर्मचारी भेजे जा रहे हैं। गुरुवार को देवबंद की जेल से डिप्टी जेलर रङ्क्षवद्र कुमार भेजे गए। जल्द ही दूसरी जेलों से दर्जनों बंदीरक्षक यहां पर पहुंच जाएंगे।

जेल में महिला मुलाकातियों की नहीं होती चेकिंग

बागपत जेल में महिला सुरक्षाकर्मी नहीं हैं। ऐसी स्थिति में जेल में आने वाली महिला मुलाकातियों की चेकिंग नहीं होती है। जेल में बंदियों से कौन-कौन महिला मुलाकात के लिए पहुंची है, पिछले एक साल का डाटा पुलिस जुटाने में लगी हुई है।

अफसरशाही हैरान, कप्तान परेशान, सब खामोश

बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के तीसरे दिन भी विवेचना के नाम पर पुलिस खाली रही। गुरुवार को भी मेरठ के खेकड़ा सीओ दबे पांव कारागार पहुंचीं और कुख्यात से पूछताछ की, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब सीओ हासिल नहीं कर सकीं। खेकड़ा सीओ वंदना शर्मा दो से तीन बार जेल जा चुकी हैं। वह गुरुवार को भी पहुंचीं और औपचारिक पूछताछ के बाद लौट गईं। हालांकि सीओ का कहना है कि वह बागपत जेल गईं थी, लेकिन दुूसरे कार्य से। सुनील राठी से पूछताछ करने वह नहीं गईं थी। बागपत के एसपी जयप्रकाश का कहना है कि पुलिस अभी जांच कर रही है। कोई भी क्लू अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। आइजी, मेरठ रामकुमार का कहना है कि बजरंगी हत्याकांड में पुलिस बहुत जल्द पर्दाफाश कर देगी। 

राठी के डासना या लखनऊ जाने की रही चर्चा

कुख्यात सुनील राठी को शासन ने गैर जनपद की जेल में शिफ्ट करने की योजना बनाई है। जहां दिन में चर्चा रही कि सुनील राठी को डासना भेजा जा रहा है, वहीं शाम ढलते ही यह चर्चा लखनऊ की ओर रुख कर गई। देर रात तक जेल प्रशासन और जिला स्तरीय अधिकारियों के पास शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं आया था। एडीजी जेल चंद्रप्रकाश भी इसको लेकर खासे चिंतित हैं और उन्होंने जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा से इस बाबत फोन पर लंबी चर्चा भी की। उन्होंने पूछा है कि जब उसे शिफ्ट किया जाएगा तो सुरक्षा व्यवस्था के क्या इंतजाम रहेंगे। हालांकि, उन्होंने खुद सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचकर जेल अधीक्षक को बता दिया है।

By Nawal Mishra