यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
श्रमिकों का मुफ्त बनेगा श्रम कार्ड : विनीता सिंह
सहायक श्रम आयुक्त विनीता सिंह ने शुक्रवार को कार्यालय में व्यापारी समस्या और श्रम कार्ड को लेकर व्यापारियों के साथ बैठक की।

बागपत, जेएनएन। सहायक श्रम आयुक्त विनीता सिंह ने शुक्रवार को कार्यालय में व्यापारी समस्या और श्रम कार्ड को लेकर व्यापारियों के साथ बैठक की।
इसी दौरान व्यापारियों ने पटका पहनाकर स्वागत किया। सहायक श्रम आयुक्त विनीता सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, व्यापारियों और किसानों का राष्ट्रीय असंगठित कामगार डेटाबेस योजना के अतंर्गत श्रम कार्ड बनाने के लिए 15 नवंबर को बागपत, 16 नवंबर को अग्रवाल मंडी टटीरी, 17 नवंबर को खेकड़ा, 18 नवंबर को अमीनगर सराय, 19 नवंबर को छपरौली और 20 नवंबर को बड़ौत में व्यापार संघ के सहयोग से निश्शुल्क कैंप लगाए जाएगा। कार्ड से आयुष्मान से उपचार, दुर्घटना बीमा, स्थायी रूप से विकलांग और आपदा या महामारी जैसे कठिन परिस्थितियों में इसका लाभ मिलेगा। इस मौके पर नंदलाल डोगरा, अभिमन्यु गुप्ता, संजय रुहेला, राकेश बंसल आदि मौजूद रहे। इनको मिलेगा लाभ
समाचार पत्र विक्रेता, धोबी, दर्जी, माली, मोची, नाई, बुनकर, जुलाहा, रिक्शा चालक, घरेलू कर्मकार, हाथ ठेला चलाने वाला, फुटकर सब्जी विक्रेता, फल फ्रूट विक्रेता, चाय, ठेले लगाने वाले कैटरिग में कार्य करने वाले, गैरेज में काम करने वाले, चाट-पकौड़ी, फुटपाथ व्यापारी, कुली, जनरेटर-लाइट उठाने वाले, बाइक मरम्मत करने वाले, दूध विक्रेता, छोटे दुकानदार, श्रमिक पशुपालन, भवन निर्माण करने वाले, ऐसे किसान जिनके पास ढाई एकड़ से कम भूमि वाले कृषक आदि श्रम कार्ड का लाभ उठा सकते हैं। प्राचार्य ने ग्रहण किया कार्यभार
शुक्रवार को गांधी विद्या निकेतन डिग्री कालेज बुढपुर रमाला में शिक्षा निदेशालय उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश प्रयागराज से चयनित प्राचार्य ओमवीर सिंह ठेनुआ ने कार्यभार ग्रहण किया। महाविद्यालय की प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा, सचिव डा. ओमपाल सिंह आदि ने नवनियुक्त प्राचार्य को बुके भेंट कर महाविद्यालय की तरक्की के लिए काम करने के लिए आग्रह किया। महाविद्यालय में कार्यरत प्राध्यापक डा. रविद्र कुमार, डा. जसविदर सिंह, अनिरुद्ध कुमार, अविनाश शर्मा ने फूल मालाओं से स्वागत किया गया।
