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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

300 आयकरदाताओं को लौटानी पड़ेगी किसान सम्मान निधि

By JagranEdited By:
Published: Fri, 30 Jul 2021 07:22 PM (IST)

यदि किसी डाक्टर इंजीनियर और आयकरदाता ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लिया है तो वे शीघ्र लौटा ...और पढ़ें

300 आयकरदाताओं को लौटानी पड़ेगी किसान सम्मान निधि
300 आयकरदाताओं को लौटानी पड़ेगी किसान सम्मान निधि

बागपत, जेएनएन: यदि किसी डाक्टर, इंजीनियर और आयकरदाता ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लिया है तो तत्काल लौटा दें, वरना कार्रवाई होगी। वहीं पीएम किसान सम्मान निधि योजना में आवेदन करने वाले सैकड़ों किसान ढूंढ़ने से नहीं मिल रहे हैं।

कृषि उप निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों में सत्यापन कराने पर 300 लाभार्थी आयकरदाता मिले। शत प्रतिशत लाभार्थियों का सत्यापन हो जाए तो किसान सम्मान निधि लेने वालों में दो हजार से ज्यादा आयकरदाता मिलने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि पति-पत्नी दोनों में किसी एक को लाभ मिलेगा। प‌रू्व एवं वर्तमान मंत्री, राज्य मंत्री, सांसद, विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष, सरकार के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को छोड़कर अन्य कर्मचारी-अधिकारी 10 हजार रुपये से ज्यादा पेंशन पाने वाले, डाक्टर, इंजीनियर व वकील, सीए किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं ले सकते। यदि इनमें किसी ने लाभ लिया है तो तत्काल धनराशि लौटाने पर कार्रवाई नहीं होगी। खुद रुपये नहीं लौटाये तो प्रशासन उन पर सख्त कार्रवाई करेगा।

उप निदेशक ने बताया कि दो हजार किसानों का डाटा लंबित है, लेकिन इनमें अधिकांश किसान मौके पर नहीं मिल रहे हैं। कुछ ऐसे किसान हैं, जिन्होंने डबल आवेदन किया था। बता दें कि किसान सम्मान निधि योजना से पात्र किसान को साल में तीन किस्तों में छह हजार रुपये दिए जाते हैं।

मांगरौली कूड़े के ढेरों से ग्रामीण परेशानी, संक्रामक रोग का भय

संवाद सूत्र, दाहा : मांगरौली गांव में जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेरों से ग्रामीण परेशान हैं। शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने के कारण ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।

मांगरौली गांव के रास्तों पर जगह-जगह कीचड़ व जलभराव बना हुआ है, जिसके कारण गंदगी से बीमारी फैलने का डर ग्रामीणों को सताने लगा है। गांव की गलियों में ही नहीं, मांगरौली-रंछाड़ मार्ग पर भी कूड़े के बड़े बड़े ढेर लगे हुए हैं। वहीं पंचायत घर की सफाई न होने के कारण उसमें बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। पंचायत घर में जगह-जगह पानी भरा हुआ है, जिससे भवन में सीलन बनने का खतरा बना हुआ है।

इस संबंध में ग्राम प्रधान शमशाना त्यागी का कहना है कि गांव की गलियों की बराबर सफाई कराई जाती है, लेकिन मुख्य मार्ग पर तालाब के किनारे ग्रामीण रात्रि में कूड़ा डाल देते हैं। उसे कई बार जेसीबी मशीन लगवाकर हटवाया भी गया है। जो कूड़ा पड़ा हुआ है, उसे शीघ्र हटवाया जाएगा।

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