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16 लाख की आबादी के लि‍ए स्वास्थ्य विभाग के पास सि‍र्फ एक रेडियोलॉजिस्ट, बागपत में मरीजों को हो रही परेशानी

By Surendra Kumar Kashyap Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 08 Nov 2026 07:47 AM (IST)

International Radiology Day: बागपत में 16 लाख की आबादी पर सरकारी स्वास्थ्य विभाग के पास केवल एक रेडियोलॉजिस्ट है, जिससे ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अंतरराष्ट्रीय रेडियोलाजी दिवस पर विशेष।

  2. मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने में परेशानी।

जागरण संवाददाता, बागपत। विश्व में हर वर्ष आठ नवंबर को अंतरराष्ट्रीय रेडियोलाजी दिवस (International Radiology Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मकसद पेट की बीमारियों से ग्रस्त लोगों को जांच का बेहतर लाभ मिल सके, लेकिन जिले में रेडियोलाॅजिस्ट की कमी के कारण लोगों को प्राइवेट की ओर दौड़ना पड़ता है। 16 लाख की आबादी पर स्वास्थ्य विभाग के पास केवल एक रेडियोलाॅजिस्ट है।

बागपत को जनपद बने 29 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी जिले की स्वास्थ्य सेवा बेपटरी है। बेहतर उपचार तो दूर की बात, बेहतर जांच की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इन 29 सालों में सीएचसी और पीएचसी और उपकेंद्रों का विस्तार तो खूब किया गया, लेकिन यहां संसाधनों के साथ-साथ डाक्टर और जांच की सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई।

दुर्भाग्य की बात है कि 16 लाख की आबादी पर स्वास्थ्य विभाग के पास केवल जिला अस्पताल में एक रेडियोलाॅजिस्ट है। यह रेडियोलाजिस्ट भी कभी कोर्ट केस तो कभी इमरजेंसी ड्यूटी, तो कभी इधर-उधर के कार्यों में व्यस्त रहते हैं। गर्भवती महिला हो या अन्य पेट रोग से पीड़ित मरीजों को जांच कराने के लिए एक-दो दिन का समय दिया जा रहा है।

ऐसे में मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए प्राइवेट की ओर से दौड़ना पड़ता है। इतनी बड़ी आबादी को कम से कम छह रेडियोलाजिस्ट और अल्ट्रासाउंड मशीन की बेहद जरूरत है।

प्राइवेट में चल रहे 43 अल्टासाउंड केंद्र

जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग ने 43 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन की अनुमति दी हुई है। इन सेंटरों पर रेडियोलाजिस्ट की ओर से पेट से जुड़ी बीमारियों की जांच की जाती है। वहीं गर्भवती महिलाओं के गर्भ की जांच की जाती है। इन सेंटरों पर 500 रुपये से लेकर 1200 रुपये जांच के लिए जाते हैं।

जिले में स्वास्थ्य केंद्र

जिले में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एक जिला अस्पताल, नौ सीएचसी, 23 पीएचसी और 205 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित है। वहीं प्राइवेट में 114 नर्सिंग, क्लीनिक और लैब संचालित हैं।

इन्‍होंने कहा

जिले में बागपत, बड़ौत और एक सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। रेडियोलाजिस्ट ही नहीं अन्य विशेषज्ञों के लिए भी शासन को पत्राचार किया हुआ है। वैसे प्राइवेट में भी गर्भवती महिलाओं की जांच कराते हैं, जिसका भुगतान स्वास्थ्य विभाग करता है।
-डा. तीरथ लाल, मुख्य चिकित्साधिकारी।

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