बागपत, जेएनएन। मुबारिकपुर गांव के देवी मंदिर में गुरुवार सुबह शिव परिवार, राधा कृष्ण, मां दुर्गा, सरस्वती माता, गणेश, नंदी आदि 21 मूर्तियों की स्थापना को विधि विधान से पूजा किया गया। हवन में ग्रामीणों ने आहुतियां देकर मंगल की कामना की। इसके बाद ढोल नगाड़ों के साथ सिर पर कलश रखकर महिलाएं मूर्ति परिक्रमा यात्रा में शामिल हुई। गांव का भ्रमण कर परिक्रमा यात्रा मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। पंडित प्रदीप शास्त्री व सुशील शास्त्री ने विधि विधान से कलश मंदिर में स्थापित कराए। प्रदीप शास्त्री का कहना था कि नवरात्रों में मां दुर्गा का धरती पर वास होता है ऐसे समय में जो भी कार्य किए जाते हैं, उनमें भगवान की संपूर्ण शक्तियां होती है। पूजन के बाद 21 मूर्तियां स्थापित कराई गई। स्थापना के बाद भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। नरेंद्र त्यागी, शिव ननद त्यागी, रामेश्वर त्यागी, अभिषेक, देवेंद्र त्यागी, बिट्टू त्यागी, सचिन त्यागी, ललित त्यागी आदि मौजूद रहे।

श्री राम के अग्नि बाण से हुआ दशानन का अंत

संवाद सूत्र, बिनौली : गांव में श्री प्रेम मंडल रामलीला कमेटी के तत्वावधान में शिव मंदिर परिसर मे चल रही रामलीला के अंतिम दिन युद्ध के दौरान मेघनाद के बाण से लक्ष्मण का मूर्छित होना, सुषेण वैद्य को लंका से उठाकर लाना, हनुमान के द्वारा संजीवनी बूटी के लिए पूरे पर्वत को लाना, लक्ष्मण द्वारा युद्ध मे रावण के पुत्र मेघनाथ का वध करना, उसके बाद सुलोचना विलाप, श्री राम द्वारा कुंभकरण व नरोत्तम का वध, और अंत में श्री राम और रावण के बीच युद्ध हुआ। युद्ध के दौरान विभीषण द्वारा गुप्त राज बताने पर श्री राम के अग्नि बाण से रावण का वध हुआ। रावण के वध के बाद चारों दिशाओं में भगवान श्री राम के जयकारे लगने लगे।

कमेटी अध्यक्ष गुलबीर धामा ने बताया कि दशहरे के पर्व पर भगवान राम की शोभायात्रा निकाली जाएगी और बस स्टैंड पर श्री राम के द्वारा रावण के पुतले का दहन किया जायेगा।

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