बागपत, जेएनएन। ग्राम डौलचा में फर्जी किन्नरों को बधाई मांगना महंगा पड़ गया। असली किन्नरों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर फर्जी किन्नरों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। बाद में उन्हें पुलिस को सौंपा गया।

अमीनगर सराय निवासी किन्नर शांति देवी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर कस्बा क्षेत्र के करीब 40 गांवों में पिछले 30 वर्षों से बधाई मांगने का काम कर रही है। कई माह से पूर्व से उनको पता चल रहा था कि कई गांवों में आधा दर्जन युवक फर्जी किन्नर बनकर बधाई मांगने का काम कर रहे हैं। हजारों रुपये की ग्रामीणों से ठगी कर चुके हैं। बुधवार को डौलचा गांव में फर्जी किन्नर बधाई मांग रहे हैं। जानकारी मिलने पर अपने साथियों के साथ डौलचा गांव में पहुंचकर ग्रामीणों के सहयोग से फर्जी किन्नरों को पकड़ा गया। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया और पूरे मामले की जांच की।

इस संबंध में बालैनी थाना प्रभारी रामनिवास का कहना है कि क्षेत्र बटवारे को लेकर किन्नरों का विवाद था। दोनों पक्षों में सुलह-समझौता हो गया है। संदिग्ध परिस्थितियों में अधेड़ की मौत

सिरसली गांव से बुधवार को एक अधेड़ व्यक्ति किसी काम से शहर में आया था। उसकी बिनौली रोड रेलवे फाटक के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस के अनुसार 55 साल का बसंता लुहारी गांव का रहने वाला था, जो सिरसली गांव में राहुल के यहां पर रह रहा था और गांव में उसने बंटाई पर कृषि भूमि ले रखी थी। एसओ रवि रतन सिंह ने बताया कि शहर में काम करने के बाद बसंता वापस जाने लगा, तो फाटक के पास उसकी मौत हो गई और उनका शव बिनौली रोड पर एक गली में पड़ा मिला। लगता है बीमारी से उसकी मौत हुई है। यह भी हो सकता है कि शराब पीने से मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद ही असलियत का पता चलेगा।

Edited By: Jagran