बागपत, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती है। अब रबी सीजन में खेती लागत घटाने और गेहूं-सरसों की फसल का उत्पादन बढ़ाने को जिले में 12 फार्मर स्कूल खुलेंगे, जिनमें किसान वैज्ञानिक ढंग से खेती होते देखेंगे और फिर खुद अपने खेतों में वैसा ही प्रयोग करेंगे।

किसान पुराने ढंग से खेती करते हैं जिससे लागत ज्यादा आती है और फसल उत्पादन कम मिलता है। इस समस्या से निपटने को केंद्र सरकार ने आत्मा योजना चला रखी है जिसके तहत किसानों व वैज्ञानिकों को आपस में संवाद कराते हैं। इसके लिए अब फार्मर स्कूल खुलेंगे जिससे किसान आधुनिक तकनीक से कम जमीन पर कम खर्च में ज्यादा फसल उत्पादन लेने के गुर धरातल पर करके सिखाए जाएंगे।

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हर ब्लाक में दो फार्मर स्कूल

प्रत्येक ब्लाक में दो फार्मर स्कूल खुलेंगे। एक फार्मर स्कूल पर 29400 रुपये खर्च होंगे। सभी 12 फार्मर स्कूल खोलने पर कुल 3.54 लाख रुपये खर्च आएगा। कृषि अधिकारियों ने गांवों और किसानों के चयन की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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ऐसे चलेगा फार्मर स्कूल

फार्मर स्कूल प्रगतिशील किसान की एक हेक्टेयर जमीन पर खोला जाता है। इस जमीन पर कृषि अधिकारी तथा वैज्ञानिक अपनी देखरेख में गेहूं तथा सरसों की खेती कराएंगे जिसे उस गांव के 30 किसान देखेंगे। फार्मर स्कूल में किसान जो देखेंगे फिर वैसा ही काम अपने खेत में करेंगे। फार्मर स्कूल में किसानों को फसलों की बीमारियों और बचाव का पाठ पढ़ने को भी मिलेगा। रासायनिक उर्वरकों का नुकसान और जैविक खेती का फायदा भी बताया जाएगा।

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-पंद्रह नवंबर तक सभी 12 फार्मर स्कूल खुल जाएगे। इन फार्मर स्कूलों से 360 किसानों को जोड़ा जाएगा जिन्हें खेती की नई तकनीक और लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की जानकारी दी जाएगी।

- प्रशांत कुमार-उप कृषि निदेशक।

Edited By: Jagran