21 साल बाद बदली देशखाप चौरासी की चौधराहट, संजीव चौधरी के सिर बंधी पगड़ी; परंपरा का बढ़ाएंगे आगे
Deshkhap Chaudhary: बड़ौत में देशखाप चौधरी स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह की विरासत उनके बेटे संजीव चौधरी को सौंपी गई। इस दौरान ...और पढ़ें

बड़ौत के जनता वैदिक कालेज में संजीव चौधरी को देशखाप की पगड़ी बांधते थांबा चौधरी। जागरण
HighLights
पिता स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह की विरासत संजीव चौधरी ने संभाली।
बड़ौत में रस्म पगड़ी और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन।
जागरण संवाददाता, बड़ौत (बागपत)। जनता वैदिक डिग्री कालेज परिसर सोमवार को देशखाप चौधरी स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह की स्मृतियों और नई जिम्मेदारी के संकल्प का साक्षी बना। हवन, रस्म पगड़ी और श्रद्धांजलि सभा के बीच उनके बड़े बेटे संजीव चौधरी को देशखाप की चौधराहट सौंपी गई।
थांबा चौधरी जयपाल सिंह के नेतृत्व में संजीव चौधरी के सिर पगड़ी बांधी गई। इसके साथ ही लगभग 21 वर्षों तक देशखाप की जिम्मेदारी संभालने वाले सुरेंद्र सिंह की विरासत अब उनके बेटे के कंधों पर आ गई।

सोमवार सुबह आठ बजे से 11 बजे तक कालेज परिसर में हवन हुआ। इसमें राजनीतिक और गैर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, खाप चौधरियों और आम लोगों ने आहुति देकर दिवंगत सुरेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी।
दोपहर 12 बजे तक रस्म पगड़ी का कार्यक्रम हुआ। थांबा चौधरी जयपाल सिंह के नेतृत्व में संजीव चौधरी को पगड़ी बांधकर देशखाप की जिम्मेदारी सौंपी गई। रस्म पगड़ी के दौरान लोगों ने उम्मीद जताई कि संजीव चौधरी अपने पिता की तरह समाज को एकजुट रखने और सभी को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
इसके बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय राज्यमंत्री जयन्त चौधरी, भाकियू के अध्यक्ष एवं बालियान खाप चौधरी नरेश टिकैत, भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत, राज्यमंत्री केपी मलिक, मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डा. सत्यपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान और सांसद चंदन चौहान समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सुरेंद्र सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
श्रद्धांजलि देने वालों में छपरौली विधायक डा. अजय कुमार, बिजनौर विधायक स्वामी ओमवेश, शामली विधायक प्रसन्न चौधरी, पूर्व विधायक साहब सिंह, पूर्व विधायक सहेंद्र सिंह रमाला, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, थांबा चौधरी यशपाल सिंह, थांबा चौधरी बृजपाल सिंह, ओमपाल सिंह, विवेक चौहान, सुधीर मान, अमित राणा, सत्येंद्र सिंह तोमर, अंकित वीर सिंह, डा. कुलदीप उज्जवल, धीरज उज्जवल, सुरेश मलिक, सुभाष नैन और राजू तोमर सिरसली समेत अनेक खाप चौधरी शामिल रहे।
21 साल पहले सुरेंद्र सिंह को सौंपी गई थी जिम्मेदारी
चौधरी सुखबीर सिंह के निधन के बाद 31 जनवरी 2005 को उनके बेटे सुरेंद्र सिंह को पगड़ी बांधकर देशखाप की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने करीब 21 वर्षों तक चौधराहट संभाली। 30 सितंबर को चौधरी सुरेंद्र सिंह का बीमारी के कारण निधन हो गया था। अब उनके बेटे संजीव चौधरी देशखाप चाैरासी चौधरी की इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
