उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन ने बदली महिलाओं की जिंदगी, सपनों को मिली नई उड़ान
बागपत में महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बैंकों से 47 करोड़ रुपये का ऋण दिलाने की कवायद तेज हो गई है।

उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन ने बदली महिलाओं की जिंदगी।
HighLights
बागपत में महिलाओं को 47 करोड़ रुपये का ऋण मिलेगा।
3151 स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए सहायता।
यूपी आजीविका मिशन ने ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, बागपत। महिला स्वरोजगार के लिए राहत की खबर है। अब लक्ष्य पूरा करने के लिए बागपत में महिलाओं को बैंकों से 47 करोड़ का ऋण दिलाने की कवायद तेज हो गई है।
उप्र आजीविका मिशन की संयुक्त निदेशक सुधा देवी शुक्ला ने विभागीय उपायुक्त को बैंकों से महिलाओं को ऋण दिलाने का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया है।
बागपत में चालू वित्त वर्ष में 2010 महिला स्वयं सहायता समूहों की बैंक क्रेडिट लिंकेज जारी करवाकर प्रथम किस्त में प्रत्येक समूहों को कम से कम 1.50 लाख रुपये ऋण दिलाने का लक्ष्य मिला हुआ है, मगर 30 सितंबर तक दो तिमाही बीतने के बावजूद बागपत में केवल 1371 स्वयं सहायता समूहों को ऋण मिला।
अब 16 अक्टूबर को उप्र ग्रामीण आजीविका मिशन की संयुक्त निदेशक ने विभागीय उपायुक्त तथा सीडीओ को भेजी समीक्षा रिपोर्ट में कहा कि कम ऋण वितरण पर केंद्र तथा प्रदेश शासन ने सख्त नाराजगी जताई है, बाकी स्वयं सहायता समूहों को ऋण दिलाया जाए।
अब 3151 महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए बैंकों से प्रत्येक को डेढ़ लाख रुपये यानी कुल 47 करोड़ का ऋण दिलाया जाएगा। इससे महिला स्वावलंबन का काम अब रफ्तार पकड़ेगा।
बताते चलें कि सरकार ने उप आजीविका मिशन इसलिए चला रखा है कि स्वरोजगार करा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के बैंक क्रेडिट लिमिट बनवाने तथा उन्हें ऋण दिलवाने का लक्ष्य पूरा कराया जाएगा।
