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चूल्हे-चौके से लेकर चौपाल तक... यूपी में गांवों के विकास का खाका खीचेंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं

Published: Tue, 20 Oct 2026 10:06 AM (IST)

बागपत में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएं बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बनाएंगी विकास योजनाएं।

  2. गांव की महिलाओं की जरूरतों का करेंगी सर्वे।

  3. गरीबी उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण मुख्य उद्देश्य।

जागरण संवाददाता, बागपत। जिले के 244 ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएं बनाने का कार्य चल रहा। इन ग्राम विकास योजनाओं को तैयार कराने में महिलाओं की अहम भूमिका रहेगी।

स्वयं सहायता समूह की दो महिला सदस्य गांव की महिलाओं से संबंधित तमाम विकास योजनाओं का खाका खींचकर पोर्टल पर अपलोड कराएंगी। इसको ग्राम पंचायतों की फाइनल योजनाओं में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों को महिला हितैषी बनाने के साथ गरीबी उन्मूलन को बढ़ावा देना है।

बागपत में महिला स्वयं सहायता समूहों की 466 सखियां ग्राम पंचायतों में ग्राम गरीबी उन्मूलन के लिए सर्वे करेंगी। यानी समूह सखी और आजीविका सखी गांव में घर-घर जाकर स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दीदियों एवं गरीब परिवारों की ज़रूरतें पूछेंगीं।

जैसे स्वच्छ भारत मिशन, जी राम जी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, कौशल विकास, राशन कार्ड, कृषि विकास, पशुपालन तथा उद्यम स्थापना जैसी योजनाओं के लिए गांव में कितनी पात्र हैं। यह जानकारी करने के बाद ग्राम गरीबी उन्मूलन प्लान बनाएंगी। फिर इस प्लान को ग्राम पंचायतों की फाइनल विकास योजनाओं में शामिल किया जाएगा।

यह पूरी कवायद इसलिए की जा रही है कि सरकार का उद्देश्य गांवों को गरीबी मुक्त बनाकर महिलाओं को सशक्त करना है। यानी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की ग्राम विकास योजनाओं में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी।

वहीं, सरकारी योजनाओं का लाभ सबसे पहले उन लोगों तक पहुंचेगा जो गरीब हैं। उपायुक्त आजीविका मिशन अरुण कुमार पांडेय ने कहा कि समूह सखियां ग्राम विकास योजनाओं को बनाने में सहयोग करेंगी।

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