गोद में बच्चा और साथ में पति, बागपत में देवर संग शादी करने सामूहिक विवाह के मंडप पहुंची महिला
बागपत में एक महिला अपने पति और बच्चे के साथ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अपने देवर से शादी करने पहुंची।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
महिला ने पति और बच्चे संग देवर से शादी चाही।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सामने आया यह मामला।
कानूनी तलाक न होने से आवेदन निरस्त हुआ।
जहीर हसन, बागपत। रिश्तों के अनोखे ताने-बाने का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला गोद में बच्चा और साथ में पति को लेकर 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' के तहत अपने ही देवर से शादी रचाने पहुंच गई।
जब अधिकारियों ने पड़ताल के दौरान कानूनी तलाक के कागजात मांगे, तो उसने सादे कागज पर लिखा पंचायत का फैसला थमा दिया और साफ कह दिया-"पति पसंद नहीं है, इसलिए शादी तो देवर से ही करूंगी।" मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 220 आनलाइन आवेदन आए थे। इनमें से 149 जोड़े पात्र मिलने पर 25 अक्टूबर में शादी करा दी गई है।
कुछ आवेदन निरस्त हो गए। निरस्त हुए आवेदनों की पड़ताल के दौरान ही यह मामला सामने आया। जांच के दौरान जब अधिकारी ने महिला को बुलाकर तलाक के कानूनी दस्तावेज मांगे तो वह बोली यह यह मेरे पति हैं, जो मुझे पसंद नहीं हैं, इसलिए मुझे देवर से शादी करनी है।
अधिकारियों ने बताया गलत
साथ आए पति ने गवाही देते हुए कहा-"यह सच बोल रही है। इसे मैं नहीं, बल्कि मेरा छोटा भाई पसंद है। कुछ दिन पहले ही पंचों ने बैठकर हमारा तलाक कराया था।" दोनों ने सादे कागज पर लिखा तलाकनामा पेश किया पर आवेदन की जांच करने वाले अधिकारी ने यह कहकर मानने से इनकार कर दिया कि कानूनी रूप से लिया गया तलाक मान्य होगा।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह चौहान ने बताया कि तलाक के कानूनी दस्तावेज नहीं लगाने से चार-पांच आवेदन निरस्त हो गए थे। इनमें एक मामला ऐसा भी था जो पति से कानूनी रूप से तलाक लिए बिना देवर से शादी करना चाहती थी।
