बागपत के आवारा कुत्ते के काटने से आठवीं के छात्र की मौत, दो महीने बाद सामने आए रेबीज के लक्षण
बागपत में आवारा कुत्ते के काटने से आठवीं कक्षा के छात्र साहिल की रेबीज के कारण मौत हो गई। दो ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
बागपत में आवारा कुत्ते के काटने से छात्र की मौत।
दो माह पहले कुत्ते ने काटा था, नहीं लगी वैक्सीन।
रेबीज के अंतिम चरण हाइड्रोफोबिया से हुआ निधन।
जागरण संवाददाता, बागपत। खेलते समय आवारा कुत्ते के काटने से कक्षा आठ के छात्र साहिल की मंगलवार को मौत हो गई। करीब दो माह पहले उसके माथे पर आवारा कुत्ते ने काट लिया था। घर पर किसी को जानकारी नहीं थी। इस वजह से एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगी थी। बड़ी बहन फिरदौस ने बताया कि तीन दिन पहले साहिल की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई थी।
मंगलवार को हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वह पानी से डरने लगा और व्यवहार भी बदल गया था। गंभीर हालत देखते हुए जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां देर शाम उसकी मौत हो गई। इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डा. विजय प्रकाश ने बताया कि बच्चे को हाइड्रोफोबिया हो गया था। यह रेबीज संक्रमण का अंतिम चरण है। उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्यों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने के लिए कहा गया है।
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सीएमओ डा. तीरथ लाल ने बताया कि कुत्ता या बंदर काटने पर सबसे पहले घाव को 10 से 15 मिनट तक बहते हुए साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह साफ करना चाहिए। घाव पर लाल मिर्च, हल्दी या चूना जैसे घरेलू नुस्खे बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए।
