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बागपत के मवीकलां में लगेगी बिजली उपकरण बनाने की फैक्ट्री, 1500 युवाओं को मिलेगा रोजगार

Published: Sun, 20 Sep 2026 08:03 PM (IST)

बागपत में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिला है, जहां एक कंपनी ने 200 करोड़ रुपये का एमओयू साइन किया है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बागपत में 200 करोड़ का एमओयू, बिजली उपकरण फैक्ट्री लगेगी।

  2. मवीकलां में फैक्ट्री से 1500 युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार।

  3. औद्योगिक विकास से बागपत की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति।

जागरण संवाददाता, बागपत। जिले के औद्योगिक विकास के लिए अच्छी खबर है। उद्योग विभाग के साथ अब एक कंपनी ने फैक्ट्री लगाने के लिए 200 करोड़ रुपये को एमओयू साइन किया है। इस फैक्ट्री में बिजली के घरेलू उपकरणों का निर्माण होगा तथा 1500 युवाओं की रोजगार की राह आसान होगी। अब तक ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी यानी जीबीसी 5.0 के लिए 55 निवेशकों कुल 3050 करोड़ के एमओयू कराए जा चुके हैं।

यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत अक्टूबर या नवंबर में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 होने की उम्मीद है। इसके लिए शासन ने बागपत को तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश कराने का लक्ष्य दिया हुआ है। अब उद्योग विभाग को बड़े निवेशक से निवेश कराने के लिए बड़ी सफलता मिली है।

दो दिन पहले 200 करोड़ रुपये का एमओयू साइन

उपायुक्त उद्योग राजेंद्र कुमार ने बताया कि दिल्ली निवासी प्रवीण जैन ने बागपत के मवीकलां में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के पास चार एकड़ भूमि पर फैक्ट्री लगाने के लिए विभाग के साथ दो दिन पहले 200 करोड़ रुपये का एमओयू साइन किया है। इस फैक्ट्री में बिजली की आयरन प्रेस, पंखे तथा अन्य उपकरणों का निर्माण हुआ करेगा।

उद्यमी मित्र अर्पित सिंह ने बताया कि एमओयू करने पर निवेशक को जमीन की रजिस्ट्री कराने पर 75 प्रतिशत की स्टांप पर छूट मिलेगी, जिससे उनकी 1.50 करोड़ रुपये की बचत होगी। बताते चलें कि जीबीसी-5.0 के लिए 54 निवेशकों से 2850 करोड़ रुपये के एमओयू पहले साइन हो चुके हैं। यानी जीबीसी-5.0 के लिए लक्ष्य से ज्यादा निवेश जुटा लिया गया।

2200 करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका

उपायुक्त उद्योग राजेंद्र सिंह ने बताया कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमीन-4.0 तक बागपत में 38 निवेशक करीब 2200 करोड़ का निवेश कर चुके हैं। इनमें दो बड़े प्रोजेक्ट अमूल प्लांट तथा बिंबो ब्रेकरी फैक्ट्रियों में निर्माण कार्य चल रहा है।

तब रिजेक्ट करने पर पड़े एमओयू

तीन साल पहले यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत बागपत में 18 हजार करोड़ करोड़ से ज्यादा के एमओयू साइन किए गए थे, लेकिन इनमें से अधिकांश निवेशक निवेश करने के लिए बागपत नहीं आए। जमीन नहीं मिलने से सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा के लिए 12 हजार करोड़ रुपये के दो प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतरे तो एमओयू रिजेक्ट करने पड़े। इनके अलावा कई और एमओयू रिजेक्ट हुए।

युवाओं को मिलेगा रोजगार, मजबूत होगी अर्थव्यवस्था

जीबीसी-5.0 के तहत तीन हजार करोड़ का निवेश जमीन पर उतरने से बागपत के युवाओं को सबसे बड़ा लाभ होगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा। कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना होने से किसानों को फसल उपज का दाम अच्छा मिलने लगेगा। इससे लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी जिससे अर्थव्यवस्था का पहिया तेजी से घूमेगा और रोजगार सृजन की प्रक्रिया तेज होगी।

जापान से आ सकता है निवेश

पिछले दिनों जापान के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली और यूपी में दौरा किया था। जापान से होने वाले निवेश का कुछ हिस्सा बागपत को मिल सकता है। जापान से निवेश की उम्मीद इसलिए ज्यादा है कि दिल्ली से सटे बागपत की खेकड़ा तहसील के 12 गांवों में दो हजार हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने को जमीन लेने की कार्रवाई चल रही है। निवेशकों के लिए जमीन की समस्या नहीं रहेगी। जापान की कंपनियां बागपत में ऊर्जा, डिफेंस तथा ई-व्हीकल व इलेक्ट्रानिक्स आदि सेक्टर में मोटा निवेश कर सकती हैं।

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