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2030 तक 110 अरब डॉलर होगी सेमीकंडक्टर की खपत, 75% निवेश से नोएडा में चिप निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

Published: Fri, 18 Sep 2026 05:29 PM (IST)

भारत में 2030 तक सेमीकंडक्टर की खपत 110 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके मद्देनजर नोएडा में चिप ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. 2030 तक भारत में सेमीकंडक्टर खपत 110 अरब डॉलर पहुंचेगी।

  2. उत्तर प्रदेश ने सेमीकंडक्टर नीति 2024 को मंजूरी दी।

  3. नोएडा में चिप निर्माण इकाइयां स्थापित होंगी, रोजगार बढ़ेंगे।

कुंदन तिवारी, नोएडा। वर्तमान में ताइवान, चीन और अमेरिका की कंपनियां सेमी कंडक्टर के सबसे बड़े निर्यातक हैं। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक भारत में सेमी कंडक्टर की खपत 110 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी।

इसी को ध्यान में रखते हुए नोएडा में सेमी कंडक्टर चिप बनाने के लिए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जनवरी 2024 में सेमी कंडक्टर नीति 2024 को मंजूरी दी, जिसके तहत गौतमबुद्ध नगर प्रदेश का पहला जिला बन गया है।

उत्तर प्रदेश अब गुजरात, ओडिशा और तमिलनाडु के बाद सेमी कंडक्टर नीति लागू करने वाला चौथा राज्य बन चुका है।

भूमि और अन्य सुविधाओं की मिलेगी छूट

प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आइडीसी) ने नोएडा प्राधिकरण के सेमी कंडक्टर नीति-2024 को लागू करने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है।

इस नीति के तहत निवेश करने वाली कंपनियों को प्लांट लगाने के लिए भूमि और अन्य सुविधाओं में छूट दी जाएगी। इससे दो प्रमुख लाभ होंगे पहला, भारत सेमी कंडक्टर चिप के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और आयात में कमी आएगी। दूसरा, नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि की कमी को देखते हुए दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (डीएनजीआइआर) के रूप में विकसित होने वाला ‘नया नोएडा’ एक बेहतर विकल्प साबित होगा। यहां सेमी कंडक्टर उद्योग रोजगार के साथ-साथ राजस्व में भी वृद्धि करेगा।

75 प्रतिशत सब्सिडी की व्यवस्था

प्रदेश सरकार ने उद्योगों को वित्तीय प्रोत्साहन देने के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी की व्यवस्था की है। इसमें 200 एकड़ तक की भूमि पर सब्सिडी दी जा रही है। उद्योगों को पर्याप्त मात्रा में पानी और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

राष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट कराने पर 10 लाख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट कराने के लिए 20 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा उद्योगों को स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध कराने के लिए सीएम इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत सहयोग किया जाएगा।

प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में सेमी कंडक्टर निर्माण से संबंधित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।

सेमी कंडक्टर बनाने वाली कंपनियों का निवेश नोएडा से लेकर ‘नया नोएडा’ तक होगा। प्राधिकरण और संगठन की ओर से सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। नीति के तहत दिशा-निर्देशों का अनुपालन औद्योगिक क्षेत्रों में सुनिश्चित किया जाएगा।
- विपिन कुमार मल्हन, अध्यक्ष, नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन।