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बेटे सरकारी नौकरी में और पिता को वृद्धावस्था पेंशन... लाभार्थी ऐसे भी जो चुकाते हैं आयकर, फिर भी पा रहे पेंशन

By Zaheer Hasan Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 31 Oct 2026 05:30 AM (IST)

बागपत में वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जहां सरकारी नौकरी वाले बेटों के पिता और ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)

(प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. सरकारी नौकरी वाले बेटों के पिता भी पा रहे थे पेंशन।

  2. आयकर चुकाने वाले लाभार्थी भी वृद्धावस्था पेंशन ले रहे।

  3. सामाजिक ऑडिट में 101 अपात्र पेंशनधारक पाए गए।

जागरण संवाददाता, बागपत। विकास विभाग 120 गांवों में वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन करा रहा है, मगर सोशल आडिट में गजब मामले पकड़ में आ रहे हैं। जैसे कहीं मृतकों के खातों में पेंशन का पैसा पहुंचता रहा तो कहीं जिनके बेटे सरकारी नौकरी में हैं, वे भी पेंशन पा रहे हैं।

सोशल आडिट में ग्राम खेड़की तथा मीतली गांव में कई मामले ऐसे पकड़ में आए कि परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी में हैं, मगर पिता को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है, जो गलत है। सोशल आडिट टीम के सदस्यों ने बताया कि मीतली गांव में एक व्यक्ति के कई बेटे सरकारी नौकरी में अच्छे पदों पर हैं, पर पिता को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है। पति-पत्नी को पेंशन मिलने के मामले में सामने आए हैं।

वहीं, जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह चौहान ने कहा कि अगस्त में 2600 पेंशनधारकों का सत्यापन कराया था, जिनमें 101 अपात्र मिले थे। इनमें कुछ मृतक थे, छह पेंशनधारक ऐसे मिले जिनके परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी में हैं। 17 लाभार्थी ऐसे हैं, जो आयकर चुकाते हैं, फिर भी वृद्धावस्था पेंशन ले रहे थे। इनकी पेंशन बंद करा दी गई है। बताते चलें कि एक हजार रुपये प्रति माह की दर से यह पेंशन मिलती है।

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