बागपत में सफाई पर पांच रुपये का बजट खर्च नहीं करने पर घिरे ग्राम सचिव, भेजा गया नोटिस
बागपत में एक ग्राम सचिव को गांव की सफाई के लिए आवंटित बजट में से मात्र पांच रुपये खर्च न ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
ग्राम सचिव को पांच रुपये बजट न खर्चने पर नोटिस मिला।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिला था सफाई का बजट।
अधिकारियों ने जिले की रैंकिंग प्रभावित होने की जताई चिंता।
जागरण संवाददाता, बागपत। चौंकिए मत! गांव की सफाई पर केवल पांच रुपये का बजट खर्च नहीं करने से ककड़ीपुर के ग्राम सचिव की मुश्किल बढ़ गई। अधिकारियों ने नोटिस जारी कर तत्काल बजट खर्च कर उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इनके अलावा 18 रुपये तथा 98 रुपये का बजट खर्च नहीं करने वाले ग्राम सचिवों को भी नोटिस दिया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के फेज-दो में 167 ग्राम पंचायतों को चालू वित्त वर्ष में मिला 3.30 करोड़ का बजट बैंक खातों में पड़ा है। एक सप्ताह पहले सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने समीक्षा कर बजट खर्च नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। तब डीपीआरओ रमेश चंद्र गुप्ता ने 16 सितंबर को ग्राम सचिवों को नोटिस देकर बजट खर्च नहीं होने पर जिले की रैंक प्रभावित होने का हवाला देकर तत्काल बजट खर्च कर उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नोटिस के साथ भेजी सूची में ग्राम पंचायत ककड़ीपुर में पांच रुपये, ग्राम पंचायत हिसावदा में 18 रुपये और ग्राम पंचायत ढिकाना में 98 रुपये का बजट खर्च होना बाकी है। डीपीआरओ के निर्देश के बाद एडीओ सुधीर कुमार ने भी अन्य गांवों के साथ ककड़ीपुर के ग्राम सचिव को नोटिस देकर तत्काल बजट खर्च करने की हिदायत दी। ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन का अवशेष काम पूरा करने, बजट खर्च के बाद भुगतान के लिए आवश्यक अभिलेख, बिल-वाउचर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
ग्राम सचिव विक्रांत तोमर ने कहा कि गांव की सफाई के लिए 31,79,635 रुपये बजट में जारी हुआ था। जिसमें से 31,79,630 रुपये वर्ष 2024 से 2026 के बीच खर्च किए गए। पांच रुपया शेष रह गया। अब शेष पांच रुपये के लिए नोटिस जारी हुआ है। नोटिस जारी करना गलत है। डीपीआरओ का कहना है कि पांच रुपये बड़ी बात नहीं है, लेकिन ग्राम सचिव को खाता तो क्लियर करना ही होगा।
