बागपत, जागरण संवाददाता। गाजियाबाद के मुरादनगर में वर्ष 2021 में श्मशान घाट में लिंटर टूटने से 23 लोगों की मौत व 40 से अधिक लोग घायल होने की घटना के बाद भी सरकारी तंत्र ने सबक नहीं लिया है। इस घटना के बाद शासन ने सभी श्मशान घाट को दुरुस्त करने के आदेश दिए थे। क्षेत्र के गांव हजूराबाद गढ़ी में एक वृद्ध महिला के शव के अंतिम संस्कार के समय श्मशान स्थल के शेड का लिंटर गिर गया। इस दौरान वहां मौजूद ग्रामीण बाल-बाल बच गए।

गांव निवासी 75 वर्षीय शिमला पत्नी सतपाल सिंह का शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए स्वजन व ग्रामीण श्मशान घाट ले गए। स्वजन ने महिला की चिता में आग लगाई। ग्रामीणों के अनुसार इसके चंद मिनट बाद ही श्मशान स्थल शेड की छत भरभरा कर नीचे गिर गई। शेड के आसपास मौजूद स्वजन व ग्रामीणों ने भागकर बामुश्किल अपनी जान बचाई।

मुरादनगर श्मशान हादसे याद हुई ताजा

अंतिम संस्कार के समय मौजूद ग्राम प्रधान इंद्रपाल व अन्य ग्रामीणों ने डीएम राजकमल यादव से शेड का निर्माण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2011-12 में विधायक निधि से गांव के श्मशान घाट में शेड का निर्माण कराया गया था। इसके बाद से शेड की कोई मरम्मत नहीं की गई। 

वीडियो प्रसारित

अंतिम संस्कार के समय शेड के गिरने के कई वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जिस पर लोग कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम सुभाष सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। श्मशान घाट के लिंटर को दुरुस्त कराया जाएगा।

Edited By: Shivam Yadav