बागपत, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश में महिला अपराध के आंकड़े दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला प्रदेश के बागपत जिल से सामने आया है। यहां की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे कुछ शोहदें परेशान करते हैं, जिसकी वजह से उसने स्कूल जाना छोड़ दिया है। पीड़ित छात्रा ने एसपी कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करवाई है।

जानकारी के मुताबिक, खेकड़ा थाना क्षेत्र की कक्षा नौ की छात्रा का आरोप है कि उसके फोटो को दो युवकों ने एडिट कर उसके वाट्सएप पर भेजा। फिर अवैध संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल करने लगे थे। स्कूल आते-जाते पीछा कर फब्तियां कसते थे। आपत्ति करने पर स्वजन के साथ गाली-गलौज कर मारपीट की। 

अपहरण का भी किया गया प्रयास

पीड़िता के मुताबिक, 17 सितंबर को उसके अपहरण का भी प्रयास किया गया था। अब आरोपित युवकों ने उसके एडिट फोटो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिए। इतना ही नहीं उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इससे वह भयभीत है। शोहदों की हरकतों से आहत होकर उसने स्कूल जाना छोड़ दिया है। 

एसपी से की शिकायत

पीड़िता ने शुक्रवार को एसपी दफ्तर पहुंचकर एएसपी से अपनी सुरक्षा और आरोपित युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एएसपी मनीष कुमार मिश्र का कहना है कि इस संबंध में खेकड़ा थाना प्रभारी डीके त्यागी को निर्देशित किया गया है।

छात्रा से छेड़छाड़ करने पर चार साल की सजा

बागपत। सरेबाजार छात्रा से छेड़छाड़ करने पर युवक को अदालत ने दोषी मानते हुए चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही साढ़े छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

बागपत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी बीए प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ 27 फरवरी 2015 को कालेज जाते समय एक युवक ने सरेबाजार छेड़छाड़ की थी। विरोध करने पर छात्रा की पिटाई भी की थी। लोगों ने किसी तरह छात्रा को बचाया था। 

पांच लोगों की गवाही के बाद आया फैसला

छात्रा के पिता ने आरोपित संदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह पंवार, भूपेंद्र शर्मा व नरेश वेदवान के मुताबिक केस विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट शैलजा राठी की अदालत में चला। पीड़ित छात्रा समेत पांच लोगों की अदालत में गवाही हुई। अदालत ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर संदीप को दोषी मानते हुई चार साल की सजा सुनाई है।

Edited By: Shivam Yadav