बदायूं : गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू हो गई लेकिन जिले में क्रय केंद्रों पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। पिछले साल गेहूं खरीद में बड़ा घोटाला उजागर होने के कारण प्रशासन ने सख्ती की बात तो कही थी, लेकिन अभी कहीं इसका असर नहीं दिख रहा है। कहीं काटे खराब है, तो कहीं वारदाना नहीं होने से किसानों को इंतजार करना पड़ता है। आलम यह है कि सुविधाएं दुरूस्त नही होने से किसान परेशान हो रहे हैं। केंद्र संचालक किसानों को संतुष्ट नही कर पा रहे हैं।

जनपद में एक अप्रैल से 133 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। शासन की ओर से समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विटल निर्धारित किया गया। साथ ही शासन ने जिले को तीन हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। जनपद के किसानों ने 15 अप्रैल से गेहूं क्रय केंद्रों पर भेजना शुरू किया। अधिकांश केंद्रों पर किसानों को बैठने और गर्मी के मौसम में पानी पीने के लिए भी केंद्रों पर कोई व्यवस्था नही की गई है। जिससे किसानों को पानी के लिए इधर- उधर भटकना पड रहा है। पिछले दिनों मौसम खराब हो जाने से खरीद ठप रही थी, लेकिन फिर किसान पहुंचने लगे हैं। व्यापारी देते है नकद धनराशि

गेहूं क्रय केंद्रों पर शासन ने समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विटल निर्धारित किया है। इस समय शादी आदि कार्यक्रमों के चलते किसान फसल बेचकर अपना जरूरी काम चलाते है। इसी कारण किसान व्यापारी को फसल बेचकर नकद भुगतान पर भरोसा करता है। क्रय केंद्रों के भुगतान करने का कोई निर्धारित समय नही है। वर्जन ::

जिले के सभी क्रय केंद्र सक्रिय हैं। शनिवार तक दो हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। हर केंद्र पर नजर रखी जा रही है किसानों को असुविधा नही होने दी जाएगी।

- प्रकाश नारायण, जिला विपरण अधिकारी

Posted By: Jagran

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