बदायूं, जेएनएन: बरेली-कासगंज रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन को बनाए जा रहे टीएसएस (ट्रैक्शन सब स्टेशन) का काम पूरा हो गया है। ट्रांसफार्मर चार्ज होने के बाद लाइनों में सप्लाई देकर इसका ट्रायल भी लिया। जल्द ही इसे पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। इससे कासगंज के सोरों सब स्टेशन का अतिरिक्त बोझ कम हो जाएगा।

टीएसएस (ट्रैक्शन सब स्टेशन) का बुधवार को ट्रायल पूरा हुआ। आरवीएनएल के मैनेजर कृष्ण मोहन विश्वकर्मा ने बताया कि अब इसे जल्द रेलवे को सौंप देंगे। बुधवार को बदायूं टीएसएस को सफलतापूर्वक चार्ज कर लिया है। अब रेलवे का लोड टीएसएस पर डालकर ट्रेन आपरेशन को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके चार्ज होने जाने से अब ट्रेनों को इलेक्ट्रिक इंजन के साथ बिना बाधा के चलाया जा सकेगा। गुरुवार को रेलवे के लोड बदायूं टीएसएस से लेने के बाद कासगंज के सोरों टीएसएस पर पड़ने वाला लोड खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि सोरों से संचालित होने से इसकी दूरी 110 किमी तक की थी, जो बमियाना तक लोड लेती थी। फिर ट्रेन की स्पीड पर फर्क पड़ता था। लेकिन अब बदायूं में टीएसएस शुरू होने से स्पीड बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि डीजल इंजन से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। 70 किमी दूरी करता कवर

बताया कि एक टीएसएस 70 किमी की दूरी कवर करता है। लेकिन, अगर इससे अधिक तक दूरी पर इसे चलाया जाए तो स्पीड कम हो जाती है। इसके लिए 1 लाख 32 हजार वाट वाले टीएसएस से सप्लाई लेकर इसे 25 हजार में कन्वर्ट कर लाइन में देते है। इस कार्य में बीते कई दिनों से वह व एसडीओ ऋतुराज व जेई ललित लगे हुए थे, जबकि कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी कार्तिक जैन संभाल रहे हैं।

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