जेएनएन, सिलहरी (बदायूं): बिनावर के गांव उसैता व पस्तौरमाफी के तीन किसानों पर पराली जलाने पर मुकदमा हुआ है। यह कार्रवाई हल्का लेखपाल की गुरुवार को दी गई तहरीर पर हुई। वहीं, एक लेखपाल ने ही प्रशासनिक आदेश को ताक में रखकर अपने खेत में पराली जला दी। किसानों पर मुकदमा और लेखपाल पर कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने आक्रोश जाहिर किया है। ग्रामीणों ने लेखपाल की शिकायत सदर एसडीएम से की है।

गांव उसैता व पस्तौरमाफी में तीन दिन पूर्व खेत में धान की पराली जलाई थी। सूचना पर पहुंचे हल्का लेखपाल प्रदीप कुमार ने घटना की जांच की। इसमें दोनों गांव के किसान नत्थू, रामभरोसे और सुलेमान के नाम सामने आए। लेखपाल ने अन्य ग्रामीणों से भी पूछताछ की तो पता लगा कि किसानों ने खाद बनाने को पराली में लगा दी थी। लेखपाल ने इसकी रिपोर्ट अफसरों को सौंपी। इस पर किसानों के खिलाफ मुकदमा की संस्तुति की गई। लेखपाल ने तीनों किसानों के खिलाफ बिनावर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एसओ राजीव कुमार ने बताया लेखपाल की तहरीर तीन किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इंसेट ::

जमीन हड़पने वाले लेखपाल पर पराली जलाने का आरोप

तहसील सदर के गांव भगवतीपुर का मजरा गांव घेर मड़ैया निवासी ग्रामीणों ने हल्का लेखपाल खेत में ही धान की पराली जलाने का आरोप लगाकर एसडीएम से शिकायत की है। आरोप है लेखपाल एक माननीय के दम पर सरकारी जमीनों पर कब्जा करा रहा है। दबंगई के चलते लेखपाल ने खुद के खेत में पराली जली दी। गुरुवार को जमीन के विवाद मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम सदर से ग्रामीणों ने मुलाकात की है। एसडीम सदर किशोर गुप्त ने बताया उन्हें इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

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