बदायूं : कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में दो आरोपितों में एक को सात वर्ष के कठोर कारावास समेत पंद्रह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जिसमें से 12 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया, जबकि दूसरे आरोपित को बरी कर दिया।

थाना कादरचौक क्षेत्र में गांव के ही अर्जुन उर्फ बाबा व अनिल ने 2013 में खाना देने खेत पर जा रही युवती को तमंचे के बल पर डरा-धमकाकर ईख में ले जाकर दुष्कर्म किया था। मोबाइल से उसके फोटों भी खींच लिए थे। मुहं खोलने पर परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपित फरार हो गए थे। इससे डरकर कुछ दिनों तक पीड़िता ने घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी। खेत पर आना-जाना भी छोड़ दिया। घरवालों ने खेत पर न जाने की वजह पूछी तो पीड़िता ने घटना की जानकारी दी। लोकलाज व मुल्जिमान के डर से पीड़िता के परिजनों ने उसकी शादी दी। बाद में आरोपित पीड़िता के फोटो वायरल करने की धमकी देने लगे। शादी के बाद पहली बार पीड़िता मायके आई तो आरोपित 28 फरवरी 2013 की रात 9 बजे शराब पीकर घर में घुस आए। मारपीट कर उसके कपड़े फाड़ दिए। 29 फरवरी 2013 को एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट के न्यायाधीश अशोक कुमार ने अर्जुन उर्फ बाबा को दोषी पाते हुए सात वर्ष के कारावास समेत 15 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई, जिसमें से 12 हजार रुपया पीड़िता को देने का आदेश दिया। दूसरा आरोपी अनिल कुमार बरी हो गया।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप