जागरण संवाददाता, बदायूं : उसहैत नगर पंचायत की ओर से कान्हा आश्रय योजना के तहत बनाई जा रही अस्थाई गोशाला के निर्माण कार्य में कार्यदायी संस्था ने दीवारे खड़ी कराकर 80 लाख रुपये का बजट निकाल लिया। इसके बाद संस्था ने काम बंद कर दिया। इससे पंचायत प्रशासन चितित हो उठा है। अब ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए नोटिस जारी करने की बात कही जा रही है। उसहैत में आवारा और घुमंतू गोवंशीयों को आसरा देने के लिए पूर्व चेयरमैन गौरव कुमार गुप्ता ने पशु आश्रय योजना के तहत अस्थाई गोशाला बनवाने की पहल शुरू की थी। शासन ने अस्थाई गोशाला बनवाने की मंजूरी दे दी। इसके लिए 1.86 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। जिसका टेंडर वर्ष 2016 में मै. बिहारीजी कांट्रेक्टर एंड सप्लायर अलापुर फर्म को मिला। कान्हा पशु आश्रय केंद्र के लिए नगर पंचायत के पास पर्याप्त जमीन न होने की वजह से यह प्रोजेक्ट अधर में ही लटका रहा। बाद में वर्तमान चेयरमैन सैनरा वैश्य ने इसे बनवाने की कवायद की। जनवरी 2019 में तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर शाहपुर गांव में जगह का चयन हुआ और जनवरी में कार्यदायी संस्था ने पैसे की कमी के चलते व शासन के दबाव की वजह से अन्य पार्टनर बनाकर काम शुरू कराया। इसके बाद गोशाला निर्माण के नाम पर 80 लाख रुपये का भुगतान निकाला गया। निर्माण कम और भुगतान अधिक होने से मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। जिस पर जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठे। वहीं, कार्यदायी संस्था के खाते में जब यह रकम पहुंची तो साझेदारों में आपसी कलह शुरू हो गई। ऐसे में काम लटक गया। वर्जन ..

एस्टीमेट के तहत जितना काम होना चाहिए उतना हो चुका है, उसी हिसाब से भुगतान किया गया। कार्यदायी संस्था ने अब काम बंद कर दिया है। उसको नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। नोटिस के बाद संस्था को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। फिर से टेंडर कराकर काम को पूरा कराया जाएगा।

- विनय शंकर अवस्थी, ईओ नगर पंचायत

Posted By: Jagran

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