- जिलेभर में जगह-जगह तैनात किए गए थे मजिस्ट्रेट

- पुलिस और पीएसी के जवान भी करते रहे निगरानी जागरण संवाददाता, बदायूं : सावन माह का आखिरी सोमवार और बकरीद का त्योहार एक ही दिन होने से कानून व्यवस्था बनाए रखने में अफसरों को पसीने छूटते रहे। सतर्कता तो पहले से बरती जा रही थी। जिले को 24 सेक्टरों में बांटकर पुलिस के साथ मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इसके बाद भी डीएम और एसएसपी को भी दिनभर शहर से लेकर इस्लामनगर तक कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। छिटपुट घटनाओं के बीच हिदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के बड़े त्योहार निपट गए।

ईदगाह पर नमाज शुरू हुई तो वहां पुलिस बल के साथ डीएम दिनेश कुमार सिंह और एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी भी पहुंच गए। एडीएम प्रशासन, एसपी सिटी के साथ अन्य अधिकारी भी मुस्तैद रहे। यहां नमाज खत्म होने बाद इस्लामनगर में बवाल होने की जानकारी मिलते ही डीएम और एसएसपी रवाना हो गए। वहां कांवड़ियों के साथ मारपीट और पथराव हुआ था। उघैती थाना क्षेत्र के चनी गांव में तनाव की भनक मिली। वहां किसी खुराफाती ने फाइबर के गिलास में खून धाíमक स्थल के पास रख दिया था। यहां भी एसडीएम, सीओ और पीएसी पहुंच गई। एक तरफ शिवालयों में जलाभिषेक तो दूसरी तरफ मस्जिदों में नमाज हो रही थी। इस बीच गंगा जल भरकर कांवड़ियों के लौटने का सिलसिला भी बना रहा। बहरहाल, शाम तक कांवड़यिों की भीड़ भी कम हो गई और बकरीद का त्योहार भी सकुशल निपट गया। डीएम दिनेश कुमार सिंह और एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही चौकसी बरती जा रही थी। दोनों बड़े त्योहार आपसी सौहार्द के माहौल में संपन्न हुए। आम जनता को कहीं कोई दिक्कत न होने पाए इसके लिए हरसंभव प्रयास किए गए।

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