दिनदहाड़े खुरपी और ईंट से कूचकर PRD जवान की हत्या; चीखते रहे ग्रामीण, आरोपी को पेड़ से बांधकर पुलिस को सौंपा
वजीरगंज के फतेह नगला गांव में पीआरडी जवान खेमकरन की ईंट और खुरपी से सिर कूचकर हत्या कर दी गई। ...और पढ़ें

बदायूं के फतेह नगला गांव में घटनास्थल पर हत्या की जानकारी करते सीओ बिल्सी आलोक सिद्धू और इनसेट में होमगार्ड खेमकरन का फाइल फोटो
HighLights
नशीले पदार्थों के धंधे का विरोध करने पर हत्या का आरोप
संवाद सूत्र, सैदपुर/वजीरगंज (बदायूं)। वजीरगंज के फतेह नगला गांव में मंगलवार को दिनदहाड़े पीआरडी जवान खेमकरन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। प्लाट में घास साफ कर रहे खेमकरन पर सामने रहने वाले अवनीश ने पहले ईंट से सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, फिर उनकी ही खुरपी से सिर और चेहरे पर हमला किया। खेमकरन की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
वारदात से आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपित को पकड़कर पेड़ से बांध दिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाद में तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
मृतक के भतीजे ने तीन लोगों के खिलाफ तहरीर देकर पुरानी रंजिश और नशीले पदार्थों के धंधे के विरोध को हत्या की वजह बताया है। फतेह नगला निवासी खेमकरन पीआरडी जवान हैं, हालांकि करीब एक साल से ड्यूटी पर नहीं थे।

अविवाहित खेमकरन गांव में रहकर खेतीबाड़ी और मजदूरी करते थे। स्वजन के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे वह अपने प्लाट में खुरपी से घास साफ कर रहे थे। परिवार को वहां उपले पाथने थे।
इसी दौरान सामने रहने वाला अवनीश घर से निकलकर प्लाट में पहुंचा और ईंट से खेमकरन के सिर पर वार करने लगा। उनके जमीन पर गिरकर बेहोश होने के बाद आरोपित ने खुरपी से सिर और चेहरे पर कई वार किए।
ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपित डंडे से भी हमला कर रहा था। घटना देखकर ग्रामीण सहम गए। लोग दूर से ही खेमकरन को बचाने की गुहार लगाते रहे। बाद में कुछ युवकों ने हिम्मत जुटाकर आरोपित को पकड़ लिया और रस्सी से पेड़ पर बांध दिया।

इंस्पेक्टर वजीरगंज अश्विनी कुमार, इंस्पेक्टर बिल्सी मनोज कुमार और सीओ बिल्सी आलोक सिद्धू पहुंचे। एसपी देहात डाॅ. हृदेश कुमार कठेरिया ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से खुरपी बरामद की।
खेमकरन के भतीजे राम बहादुर ने तहरीर में आरोप लगाया कि अवनीश नशीले पदार्थों का धंधा करता है। उनके चाचा इसका विरोध करते थे, इसी रंजिश में हत्या की गई। तहरीर में अवनीश, मुरारी और पान सिंह के नाम हैं।
पुलिस ने हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वारदात के समय आरोपित के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे।
लोगों के गुहार लगाने के बावजूद कोई खेमकरन को बचाने आगे नहीं आया। बाद में मुख्य आरोपित अवनीश समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।

एसपी देहात डाॅ. हृदेश कुमार कठेरिया ने बताया कि हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई गई है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्ष एक ही जाति के हैं।
पत्नी को दवा दिलाने मथुरा गए थे बड़े भाई, रास्ते से लौटे
खेमकरन दो भाइयों में छोटे थे। बड़े भाई महेंद्र पाल की पत्नी भगवान देवी लंबे समय से बीमार हैं। मंगलवार सुबह महेंद्र पाल उन्हें दवा दिलाने मथुरा गए थे।

घर पर भतीजी देववती, दिव्यांग भतीजी सरिता, भतीजा राम बहादुर और दूसरे भतीजे की पत्नी सुनीता मौजूद थीं। रास्ते में भाई की हत्या की सूचना मिलने पर महेंद्र पाल वापस लौट आए।
वहीं, अवनीश चार भाइयों में तीसरे नंबर का है। उसके माता-पिता रामपाल और कमला देवी की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। उसके भाई चोखेलाल, दीनदयाल और नेत्रपाल गांव में रहते हैं। अवनीश अविवाहित है।
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