बदायूं : किराना व्यापारी के घर रविवार रात हुई डकैती की घटना को चोरी की धाराओं में दर्ज करने की कारगुजारी पर एसओ मूसाझाग को फटकार लगी है। एसपी सिटी जितेंद्र श्रीवास्तव और सीओ उझानी भूषण वर्मा ने खुद मौका मुआयना कर यह मुकदमा डकैती की धाराओं में तरमीम कराया है। वहीं फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाते हुए नक्शा बनाया है। मूसाझाग थाने के गांव गिधौल निवासी किराना व्यापारी आनंदपाल ¨सह के घर रविवार रात डकैती की घटना हुई थी। छह सात बदमाश घुसे और उन्हें पीटने के साथ ही घर में रखे कुछ रुपये व डेढ़ लाख के जेवरात लूटकर ले गए। वहीं कुछ गैर जिम्मेदार अफसरों की सरपरस्ती में बेलगाम हुए विवादित थानेदार जेपी ¨सह ने डकैती की धाराओं में यह मुकदमा लिखने से साफ इंकार कर दिया। नतीजतन थाने में तैनात दारोगा शिवराज ¨सह ने तहरीर इमला बोलकर लिखाते हुए एसओ के सामने रखी और चोरी का केस दर्ज हो गया। इधर, मंगलवार को अधिकारियों को इस कारगुजारी की जानकारी हुई तो हर तथ्य की बारीकी से जांच की गई। वादी समेत गांव के लोगों और पड़ोसियों से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ कि घटना डकैती की ही थी। इस पर दोनों अधिकारियों ने एसओ को फटकार लगाई। साथ ही तुरंत मुकदमे में धाराएं बढ़ाते हुए खुलासे के निर्देश दिए। कुल मिलाकर एसओ जेपी ¨सह को मुकदमा भी डकैती का लिखना पड़ा और छीछालेदर भी हुई।

इसलिए की थी हरकत

मूसाझाग पुलिस भी यह मुकदमा डकैती में ही दर्ज कर लेती लेकिन पिछले दिनों इस्लामनगर के बेहटा पाठक में हुई डकैती की घटना को वहां की पुलिस ने धमकाकर 50 रुपये से अधिक की संपत्ति ले जाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद इस्लामनगर में ही एक अन्य घटना का मुकदमा भी इन्हीं धाराओं में हुआ था। हालांकि वो मामला जांच में फर्जी पाया गया था। ऐसे में पुलिस को लगा कि जब अफसरों ने वहां की डकैती की सुध नहीं ली तो फिर यहां भला कौन पूछने आ रहा है।

वर्जन ::

घटना के बाद वादी बौखलाया हुआ था और अपनी बात स्पष्ट नहीं कह पा रहा था। इसलिए चोरी का मुकदमा लिखा था। जबकि अब वादी का बयान समेत गांव वालों के बयान लेकर हर पहलू पर तफ्तीश के बाद मामला डकैती का निकला तो उसे तरमीम कर दिया गया। घटना का वर्कआउट करने का प्रयास चल रहा है।

- जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी सिटी

Posted By: Jagran